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मुज़फ्फरपुर को मिलेगा अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान का लाभ

-मुज़फ्फरपुर को मिलेगा अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान का लाभ

-NIUA टीम ने किया दो दिवसीय दौरा

मुज़फ्फरपुर। ब्यूरो रिपोर्ट।

मुज़फ्फरपुर शहर में जल प्रबंधन एवं नदी संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA), नई दिल्ली की तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने 2 एवं 3 मई 2025 को नगर निगम क्षेत्र का विस्तृत दौरा किया। यह दौरा अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP) के अंतर्गत मुज़फ्फरपुर को शामिल करने की दिशा में किया गया, जिसका उद्देश्य नदियों की सफाई, घाटों का विकास, वृक्षारोपण, और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के ज़रिए जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करना है।

टीम का नेतृत्व सुश्री इस्लीन कौर ने किया, जिनके साथ सुश्री ज्योति वर्मा और सुश्री श्रेया खुराना शामिल रहीं। नगर निगम की ओर से नगर आयुक्त श्री विक्रम वीरकर, सहायक अभियंता सुश्री अरुणिमा राज और कनिष्ठ अभियंता श्री करण कुमार ने टीम का स्वागत किया और उन्हें शहर की जल व्यवस्थाओं से अवगत कराया।

नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे भविष्य में गंभीर जल संकट की संभावना है। इस समस्या से निपटने हेतु NIUA की ओर से उथले जलभृत प्रबंधन, वर्षाजल संचयन, और पुनर्भरण की योजनाओं को प्रस्तावित किया गया। स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े तकनीकी अधिकारीगण, टाउन प्लानर, सफाई प्रभारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी भी इस भ्रमण में शामिल रहे।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु:

सिकंदरपुर झील का दौरा: टीम ने झील सौंदर्यीकरण, जल गुणवत्ता सुधार और पारिस्थितिक पुनरुद्धार की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की।

बूढ़ी गंडक निरीक्षण: तटवर्ती कटाव को रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग एवं पौधारोपण कर रिपेरियन बफर ज़ोन विकसित करने की अनुशंसा की गई।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP): निर्माणाधीन STP की तकनीकी क्षमताओं और उपचारित जल के पुनः उपयोग की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया गया।

फरदो नाला निरीक्षण: नाले में कचरा जमाव, जल प्रवाह में अवरोध जैसी समस्याओं को चिन्हित कर स्थायी समाधान हेतु सुझाव दिए गए।

NIUA टीम इस भ्रमण के आधार पर एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर आगामी दस कार्यदिवसों में नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी कार्यालय को सौंपेगी। यह रिपोर्ट मुज़फ्फरपुर को अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान के अंतर्गत एक मॉडल शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।