-रशोईया की मौत मामले में दूसरे दिन भी आवेदन नहीं
-भाकपा माले ने उठायी कार्यवाई की मांग
-थानाध्यक्ष बोले-आवेदन मिलने पर दर्ज होगा मामला
मुजफ्फरपुर/बन्दरा।दीपक।
प्रखण्ड के सिमरा में रसोइया उर्मिला देवी की मौत को भाकपा माले ने हत्या बताया है।भाकपा माले द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि माइक्रो फाइनेंस कम्पनी के कर्मी एवं एक ग्रामीण दम्पत्ति द्वारा पैसा हड़पने की नियत से घटनाक्रम को अंजाम दिया गया।अवैध दर्जनों समूह बनाकर एक ही व्यक्ति के नाम से अवैध तरीके से 5 – 5 बार लोन दर्शाकर लाखो रुपए निकासी की गई।
उर्मिला देवी की पुत्री करीना कुमारी(16) ने बताया की रात्री 8 बजे जब वह दोनों बहन और मां परोसी के छत पर सोयी थी। फाइनेंस कम्पनी के कर्मी गाली-गलौज व धमकी देते हुए पैसा जमा करने की चेतावनी देकर चला गया। सुबह में उसकी मां फांसी से झूलती मिली।
ग्रामीणों ने बताया कि उर्मिला देवी के पुत्र की भी करीब साल भर पहले एक्सीडेंट में मौत हो गई थी।
माले कार्यकर्ताओं ने मामले में हत्या के धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाई की मांग उठायी है।वहीं
मृतक उर्मिला देवी के आश्रित को 10 लाख मुआवजा देने एवं ऋण माफी की प्रक्रिया कराने आदि की मांग की है।
मांग करने वालों में भाकपा माले के सत्रुधन सहनी, परशुराम पाठक,विमलेश मिश्र, ऐपवा नेत्री रानी प्रसाद, रामबली मेहता, संजय कुमार दास, सत्रुधन मेहता, रामबाबू ठाकुर आदि शामिल हैं।

वहीं मामले में पूर्व जिला पार्षद उपेंद्र पासवान ने बताया कि घटनाक्रम को लेकर पीयर थाना को आवेदन देकर कार्यवाई की मांग की जा रही है।
वहीं इस संदर्भ में पीयर थाना अध्यक्ष पंकज यादव ने रविवार की देर शाम बताया कि घटनाक्रम में किसी भी पक्ष ने कोई आवेदन नहीं दिया है।उन्होंने हत्या की बात से इनकार कर दिया। थानाध्यक्ष ने कहा कि ऐसा कोई बात नहीं है।
ज्ञात हो कि शनिवार को सिमरा में उसके ही घर में फांसी के फंदे से झूलती हुई महिला रशोईया उर्मिला देवी(35) की शव मिली थी।बताया गया कि समूह की कर्ज से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली।मौके पर पहुंची पीयर पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया।












