-मुजफ्फरपुर में जाली आधार-पैन से 40 लाख की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री
-विधान परिषद में मामला उठने के बाद खुलासा
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जाली दस्तावेजों के सहारे लाखों रुपये की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वैशाली जिले के एक बुजुर्ग की बोचहां स्थित 79 डिसमिल जमीन फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड के जरिए बेच दी गई। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब विधान परिषद में एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने इसे प्रमुखता से उठाया। इसके बाद जिला निबंधन कार्यालय ने भी स्वीकार किया कि जाली दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी।
जानकारी के अनुसार, वैशाली जिले के महुआ निवासी 71 वर्षीय नरेंद्र सिंह की बोचहां स्थित दो खेसरा की जमीन वर्ष 2022 में धोखाधड़ी कर बेच दी गई। सरकारी मूल्यांकन के अनुसार जमीन की कीमत करीब 11.50 लाख रुपये थी, जबकि बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये बताई जा रही है।

जिला निबंधन कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2022 में रजिस्ट्री के दौरान आधार और पैन कार्ड की ऑनलाइन सत्यापन व्यवस्था लागू नहीं थी। इसी वजह से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री संभव हो गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि वर्ष 2024 से क्रेता और विक्रेता दोनों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है, जिससे इस तरह की धोखाधड़ी पर रोक लगाने का प्रयास किया गया है।
पीड़ित नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन बोचहां निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह को खेती-बाड़ी के लिए बटाई पर दी थी। आरोप है कि बटाईदार ने फर्जी विक्रेता खड़ा कर उसी जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी सुनीता देवी के नाम करा ली।
मामले की जानकारी तब हुई जब नरेंद्र सिंह जमीन की रसीद कटाने पहुंचे। जांच में पता चला कि जमीन पहले ही किसी और के नाम दर्ज हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।












