-बिहार में पहली रैपिड रेल की तैयारी शुरू, पटना से मुजफ्फरपुर समेत चार शहरों तक तेज सफर का रास्ता होगा आसान
पटना। बिहार सरकार ने राज्य में पहली बार रैपिड रेल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 8 जुलाई 2026 को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में पटना को चार प्रमुख शहरों से जोड़ने वाली रैपिड रेल परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराने की मंजूरी दे दी गई है। फिलहाल यह परियोजना योजना और सर्वेक्षण के चरण में है। ट्रेनों का संचालन अभी शुरू नहीं हुआ है और न ही निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ है।
सरकार की योजना के अनुसार रैपिड रेल नेटवर्क के माध्यम से पटना को मुजफ्फरपुर, गया, आरा और बेगूसराय से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य इन शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और नियमित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
रैपिड रेल परियोजना के अंतिम डिजाइन का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन देश में संचालित अन्य रैपिड रेल प्रणालियों के आधार पर इसमें आधुनिक सुविधाएं मिलने की संभावना है। इनमें 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की डिजाइन स्पीड, पूरी तरह वातानुकूलित (एयर कंडीशंड) ट्रेनें, आरामदायक सीटें, महिलाओं के लिए अलग कोच, दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं, सीसीटीवी आधारित सुरक्षा, वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग, डिजिटल टिकटिंग, स्मार्ट कार्ड, एस्केलेटर और लिफ्ट से युक्त स्टेशन तथा पार्किंग व अन्य सार्वजनिक परिवहन से बेहतर कनेक्टिविटी शामिल हो सकती है। हालांकि अंतिम सुविधाएं डीपीआर और विस्तृत डिजाइन तैयार होने के बाद ही तय की जाएंगी।

इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ पटना आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों, कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के छात्रों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों के साथ-साथ रोजाना इंटरसिटी यात्रा करने वाले यात्रियों को मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल डीपीआर तैयार करने की मंजूरी दी गई है। अभी रूट का अंतिम अलाइनमेंट, स्टेशनों की संख्या, निर्माण लागत और समय-सीमा तय नहीं हुई है। डीपीआर तैयार होने के बाद विस्तृत सर्वे, तकनीकी अध्ययन, लागत का आकलन, फंडिंग की मंजूरी, टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसलिए रैपिड रेल के संचालन की कोई आधिकारिक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले यह कह चुके हैं कि परियोजना पूरी होने के बाद पटना से मुजफ्फरपुर, गया, बेगूसराय और भविष्य में राजगीर तक की यात्रा लगभग 40 मिनट में पूरी कराने का लक्ष्य है। हालांकि यह लक्ष्य परियोजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद ही संभव होगा।
रैपिड रेल सामान्य ट्रेनों से कई मायनों में अलग होगी। जहां सामान्य ट्रेनें लंबी दूरी की यात्रा पर केंद्रित होती हैं और अधिक स्टॉपेज लेती हैं, वहीं रैपिड रेल का फोकस रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों पर होगा। इसमें सीमित स्टॉपेज, अधिक रफ्तार, कम अंतराल पर नियमित सेवा और आधुनिक डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।












