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बिहार में नई टोल नीति लागू, टोल नहीं देने पर लगेगा दोगुना जुर्माना

-बिहार में नई टोल नीति लागू, टोल नहीं देने पर लगेगा दोगुना जुर्माना

-मुजफ्फरपुर के दो स्टेट हाईवे और तीन पुल भी शामिल

पटना/मुजफ्फरपुर। बिहार सरकार ने नई टोल टैक्स नीति लागू कर दी है। पथ निर्माण विभाग ने सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत राज्य के स्टेट हाईवे और 250 मीटर से अधिक लंबे पुलों पर व्यावसायिक वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाएगा। इसके साथ ही टोल वसूली और नियमों के पालन की पूरी प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी गई है।
नई नीति के अनुसार यदि कोई वाहन चालक टोल टैक्स देने से बचने की कोशिश करता है या बिना भुगतान किए टोल प्लाजा से गुजर जाता है, तो उससे दोगुना जुर्माना वसूला जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर विभाग की ओर से ई-नोटिस भेजा जाएगा।
हालांकि सरकार ने वाहन मालिकों को राहत भी दी है। यदि ई-नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर टोल शुल्क का भुगतान कर दिया जाता है, तो अतिरिक्त जुर्माना नहीं देना होगा। लेकिन 15 दिनों तक भुगतान नहीं होने पर विभाग संबंधित वाहन को कहीं भी रोककर बकाया राशि और जुर्माना वसूल सकेगा।


यदि इसके बाद भी राशि जमा नहीं की जाती है, तो वाहन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होंगे। वाहन का इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC), एनओसी और वाहन ट्रांसफर जैसी सेवाओं का अपडेट रोक दिया जाएगा। इसके लिए टोल कलेक्शन सिस्टम को ‘वाहन’ एप से जोड़ा जाएगा, जिससे बकाएदार वाहनों की पहचान और कार्रवाई आसान हो सकेगी।
नई नीति में वाहन मालिकों को आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार भी दिया गया है। यदि किसी वाहन स्वामी को लगता है कि उसे गलत ई-नोटिस भेजा गया है, तो वह 72 घंटे के भीतर बिहार सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। संबंधित अधिकारी पांच दिनों के भीतर जांच कर निर्णय देंगे और इसकी सूचना ई-मेल एवं एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। यदि निर्धारित पांच दिनों में कोई निर्णय नहीं आता है, तो बकाया राशि स्वतः माफ मानी जाएगी और इसका अपडेट ‘वाहन’ एप पर कर दिया जाएगा।

मुजफ्फरपुर में इन मार्गों पर होगी टोल वसूली:

नई टोल नीति के तहत मुजफ्फरपुर जिले में स्टेट हाईवे-74 और स्टेट हाईवे-86 के अलावा बंगरा घाट पुल, रघई घाट पुल और पिलखी पुल पर भी टोल टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है और रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है। विभाग ने इन दोनों स्टेट हाईवे और तीनों पुलों को टोल वसूली के मानकों के अनुरूप पाया है।
नई नीति लागू होने के बाद राज्य में टोल वसूली की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी, वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।