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बिहार में कई ट्रेनों का रूट बदला

-बिहार में कई ट्रेनों का रूट बदला

-29 जनवरी तक सीतामढ़ी जंक्शन होते हुए चलेंगी कई ट्रेनें

ब्यूरो।पटना/सीतामढ़ी।

बिहार का सीतामढ़ी जंक्शन महत्वपूर्ण ट्रेनों के परिचालन के लिए उपयुक्त हो गया है। इन दिनों अन्य रेलखंड पर चल रहे दोहरीकरण और अन्य कार्यों के चलते कई ट्रेनों का मार्ग बदलकर सीतामढ़ी रूट से संचालित किया जा रहा है। इससे सीतामढ़ी के अलावा अन्य क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा होने लगी है। यानी जिस ट्रेन को पकड़ने के लिए क्षेत्र के लोगों को मुजफ्फरपुर और पटना जाना होता था, वह ट्रेन यहीं मिल जा रही है। हालांकि यह लाभ 29 जनवरी तक ही मिल पायेगा।
दोहरीकरण समेत अन्य कार्यों के चलते जिन ट्रेनों का परिचालन सीतामढ़ी जंक्शन होकर शुरू किया गया है, उनमें 12557-58 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस, 19038 बरौनी-बांद्रा टर्मिनस अवध एक्सप्रेस, 13022 रक्सौल-हावड़ा मिथिला एक्सप्रेस, 09452 भागलपुर-गांधीधाम एक्सप्रेस, 15268 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-रक्सौल एक्सप्रेस, 15705-6 कटिहार-दिल्ली-कटिहार चंपारण हमसफर एक्सप्रेस, 15001 मुजफ्फरपुर-देहरादून एक्सप्रेस, 19270 मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस, 19037 बांद्रा टर्मिनल-मुजफ्फरपुर अवध एक्सप्रेस, 13021 हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस शामिल हैं।


इस बीच, केंद्रीय रेलवे रेलयात्री संघ एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सुन्दरका ने कहा है कि जब लंबी दूरी की ट्रेनों का रूट बदल कर सीतामढ़ी होकर संचालित किया जा सकता है, तो सीतामढ़ी रूट पर ट्रेनों का नियमित विस्तार करने में क्या परेशानी है? मार्ग बदलकर लंबी दूरी की ट्रेनों के चलने से स्पष्ट है कि सीतामढ़ी रेलखंड हर प्रकार की ट्रेनों और स्पीड के लिए योग्य है।
जिलाध्यक्ष सुन्दरका ने कहा कि यह साबित हो गया है कि रेलवे लंबी दूरी की किसी भी प्रकार या किसी भी स्पीड की ट्रेनों का सीतामढ़ी तक विस्तार करें, तो बिना किसी रुकावट या व्यवधान के इस रेलखंड पर ट्रेनें दौड़ेंगी। लंबी दूरी की ट्रेनों के चलने से एक नए रूट के साथ इस क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा में इजाफा होगा। सुंदरका ने मुजफ्फरपुर और दरभंगा से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का सीतामढ़ी तक विस्तार की बात करते रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे में रेलवे कम संसाधन में सीतामढ़ी और नेपाल सीमा के यात्रियों को सुविधा प्रदान कर पाएगी। उन्होंने रेलवे से नरकटियागंज रूट चालू करने की पुरानी मांग को पूरा करने की भी मांग की है, ताकि जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी को पूरे देश दुनिया से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त संभव हो सके।