-बालेन सरकार की ‘तानाशाही’ के खिलाफ बना प्रोग्रेसिव फ्रंट: प्रभु साह
जनकपुरधाम/मिश्री लाल मधुकर। आम जनता पार्टी (आजपा) के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रभु साह ने बालेन सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी के खिलाफ प्रोग्रेसिव फ्रंट का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल में वास्तविक लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और जनता के अधिकारों को सीमित करने की कोशिश हो रही है।
शनिवार को काठमांडू में आयोजित प्रोग्रेसिव फ्रंट की घोषणा सभा को संबोधित करते हुए प्रभु साह ने कहा कि फ्रंट का उद्देश्य देश को मौजूदा संकट से निकालकर एक प्रगतिशील समाधान देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में नेपाल को संकट की ओर धकेलने की कोशिश की गई है।

साह ने कहा कि एक पक्ष ऐसा नेपाल चाहता है, जहां अहंकार और एकतरफा राजनीति हावी हो, जबकि प्रोग्रेसिव फ्रंट सह-अस्तित्व, सहयोग और सभी को स्वीकार्य शासन व्यवस्था के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि वे सर्वसत्तावाद नहीं चाहते, बल्कि ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जो सभी नागरिकों को स्वीकार्य हो।
आजपा अध्यक्ष ने कहा, “लोकतंत्र को मजबूत नहीं किया जा रहा है, बल्कि उससे जनता को वंचित किया जा रहा है। इसलिए हमारा उद्देश्य वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना करना है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि नकली चेहरे के जरिए नकली शासन व्यवस्था थोपने का प्रयास किया जा रहा है। इसके विपरीत प्रोग्रेसिव फ्रंट वास्तविक जनप्रतिनिधित्व और सुशासन की वकालत करता है।
प्रभु साह ने मौजूदा राजनीतिक संघर्ष को विदेशी प्रभाव और राष्ट्रीय स्वतंत्रता के बीच का संघर्ष बताते हुए कहा कि प्रोग्रेसिव फ्रंट देश को अराजकता और तानाशाही से बचाने के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि फ्रंट किसी भी तरह के राजनीतिक प्रतिगमन का विरोध करेगा और देश में लोकतांत्रिक एवं प्रगतिशील व्यवस्था स्थापित करने के लिए संघर्ष जारी रखेगा।












