-बांका में 75 हजार रुपये रिश्वत लेते BDO के मामा गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई
बांका/पटना। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को बांका जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 75 हजार रुपये रिश्वत लेते एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान बच्चन कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो फुल्लीडुमर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अमित प्रताप सिंह के मामा बताए गए हैं। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, बच्चन कुमार सिंह को बांका के नेहरू कॉलोनी स्थित बीडीओ के किराये के मकान से रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
मामला निगरानी थाना कांड संख्या 102/26 से जुड़ा है, जो 21 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया था। मामले में प्राथमिक आरोपित फुल्लीडुमर के प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित प्रताप सिंह और अप्राथमिकी आरोपित उनके मामा बच्चन कुमार सिंह हैं।
निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, परिवादी गौतम प्रकाश, पिता स्वर्गीय जय प्रकाश नारायण राय, निवासी बदलाचक, थाना बेलहर, बांका ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फुल्लीडुमर प्रखंड में 15वीं वित्त की राशि से 26 कार्य योजनाओं के अनुमोदन और क्रियान्वयन के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने के आरोप की प्रथमदृष्टया पुष्टि हुई। इसके बाद निगरानी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक विनोद कुमार के अनुरोध पर पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में धावा दल का गठन किया गया।
धावा दल ने कार्रवाई करते हुए बच्चन कुमार सिंह को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपित को विशेष न्यायालय, निगरानी, भागलपुर में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 102वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है। इनमें यह ट्रैप से संबंधित 94वां मामला है। इन मामलों में अब तक कुल 95 आरोपितों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्ष 2026 में अब तक रिश्वत के रूप में कुल 35 लाख 9 हजार 800 रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 37 हजार रुपये कीमत की एक नई वॉशिंग मशीन भी जब्त की गई है।
वर्ष 2025 में निगरानी ब्यूरो ने कुल 101 ट्रैप मामले दर्ज किए थे और रिश्वत की 37 लाख 80 हजार 300 रुपये की राशि बरामद की थी। वर्ष 2026 में अब तक औसतन 11.8 ट्रैप मामले प्रतिमाह दर्ज किए गए हैं, जबकि वर्ष 2025 में यह औसत 8.4 मामले प्रतिमाह था। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस साल ट्रैप मामलों में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। ब्यूरो ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी लोक सेवक यानी सरकारी पदाधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो समय पर इसकी शिकायत निगरानी ब्यूरो से करें।












