-प्रशांत किशोर का तेजस्वी पर वार: “माई-बहिन मान योजना” को बताया अव्यावहारिक
पटना। दीपक कुमार तिवारी।
बिहार की सियासत में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। जन सुराज के सूत्रधार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने एक बार फिर अपने आक्रामक तेवर दिखाए हैं। इस बार उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव की महत्वाकांक्षी “माई-बहिन मान योजना” को अव्यावहारिक करार देते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला वादा बताया है।
तेजस्वी का चुनावी दांव:
हाल ही में तेजस्वी यादव ने घोषणा की थी कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो बिहार की महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इस योजना को झारखंड की “मईयां सम्मान योजना” की तर्ज पर लागू करने की बात कही गई थी। राजद को उम्मीद थी कि यह मास्टरस्ट्रोक साबित होगा और महिला मतदाताओं का समर्थन मिलेगा।
प्रशांत किशोर ने खोली पोल:
प्रशांत किशोर ने इस योजना के आर्थिक पहलू पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में करीब 6 करोड़ महिलाएं हैं। यदि प्रत्येक महिला को 2500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएं, तो सरकार पर सालाना 1.5 लाख करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। जबकि बिहार का कुल बजट ही 2.4 लाख करोड़ रुपये है। ऐसे में यह योजना व्यावहारिक रूप से संभव ही नहीं है।

पीके ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “जिस दिन राजद ने यह घोषणा की, उसी दिन यह भी साफ हो गया कि वे इसे पूरा नहीं करेंगे। यह सिर्फ चुनावी वादा है, हकीकत से इसका कोई लेना-देना नहीं है।”
“जन सुराज झूठे वादे नहीं करेगा”
प्रशांत किशोर ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि जन सुराज किसी भी ऐसी योजना की घोषणा नहीं करेगा, जिसे लागू करना संभव न हो। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी गहन अध्ययन और वित्तीय विश्लेषण के बाद ही कोई वादा करेगी और जो भी वादा होगा, उसे 100% पूरा किया जाएगा।
बिहार की राजनीति में नई हलचल:
प्रशांत किशोर की इस बयानबाजी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। एक तरफ जहां राजद अपने घोषणापत्र से महिलाओं को लुभाने की कोशिश कर रही है, वहीं पीके इसे जनता के साथ धोखा बता रहे हैं। अब देखना यह होगा कि तेजस्वी यादव इस हमले का क्या जवाब देते हैं और बिहार की जनता किसके तर्क को ज्यादा वाजिब मानती है।
#बिहार_की_राजनीति #प्रशांत_किशोर #तेजस्वी_यादव #माई_बहिन_मान_योजना #जन_सुराज #राजद












