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पटना के 500 से ज्यादा कोचिंग इंस्टीट्यूट सुरक्षित नहीं

पटना के 500 से ज्यादा कोचिंग इंस्टीट्यूट सुरक्षित नहीं

-संचालकों को प्रशासन की ओर से मिला 15 दिनों का नोटिस

संवाददाता। पटना।

बिहार की राजधानी पटना के अशोक राजपथ और बोरिंग कैनाल रोड के अलावा शहर के किसी गली और चौराहे से गुजरने पर दर्जनों की संख्या में कोचिंग के बोर्ड दिखाई देते हैं। इसके अलावा कोचिंग संस्थान गली-गली में खुल गए हैं। बेरोजगारों की फौज और नौकरी की तैयारी में लगे युवाओं को सही गाइडलाइन की जरूरत होती है। इस कड़ी में वे सबसे पहले अपने लिए कोचिंग संस्थान की तलाश करते हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए पटना में हजारों की संख्या में कोचिंग संस्थान चलते हैं। उधर, दिल्ली हादसे के बाद अब पटना जिला में संचालित कोचिंग संस्थानों पर जिला शिक्षा कार्यालय की नजर बनी हुई है


जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस को कोचिंग संस्थान के मालिकों ने गंभीरता से नहीं लिया है। कोचिंग संस्थानों को जिला प्रशासन की ओर से कुछ दिशा-निर्देश दिए गए थे। पता चला है कि इसमें कई कोचिंग संस्थान फेल साबित हुए हैं। उन्होंने उन निर्देशों का पालन नहीं किया है। उसके अलावा अपने संस्थान में सुरक्षा उपकरण भी नहीं लगाए हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से नोटिस के जरिए पूछे गए सवालों का जवाब भी नहीं दिया है। इसे लेकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग काफी सख्त रुख अपनाने जा रहा है।
जिला प्रशासन के मुताबिक डीएम के निर्देश पर दिल्ली की घटना के बाद पटना के कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया था। टीम ने राजधानी के 500 से अधिक कोचिंग संस्थानों की जांच की। जांच के बाद पाया गया कि कई कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। प्रशासन की ओर से उन्हें 30 अगस्त तक कोचिंग नियमावली के अनुसार व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया था। कोचिंग में प्रवेश और निकास दरवाजे से लेकर अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा के बाकी मानकों का ख्याल रखने को कहा गया था।
पटना का जिला शिक्षा कार्यालय एक बार फिर कोचिंग संस्थानों को नोटिस देने जा रहा है। ये नोटिस 15 दिनों के लिए दिया जा रहा है। इस अवधि में यदि कोचिंग संस्थान मानकों और कोचिंग नियमावली को पूरा नहीं करते हैं। उन कोचिंग संस्थानों के संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से सभी कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, नगर निगम के मानकों का पालन, नियम के मुताबिक वर्ग कक्ष का निर्धारण और साथ ही प्रवेश और निकास की व्यवस्था को ठीक करना है। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात जो बताई गई है, कोचिंग संस्थानों को अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना भी जरूरी है। बिना प्रमाण पत्र के कोचिंग संचालन की प्रक्रिया रोक दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक मात्र 18 संस्थानों ने शिक्षा विभाग को पंजीयन के लिए आवेदन किया है।