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नींद अभी टूटी भी नहीं थी कि आ धमके 24 हाथी,गांव वालों का प्रशासन भी नहीं रहा साथी!

-नींद अभी टूटी भी नहीं थी कि आ धमके 24 हाथी,गांव वालों का प्रशासन भी नहीं रहा साथी!

ब्यूरो।रांची/गढ़वा।

झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के चिरका गांव मे अहले सुबह अचानक गांव में लगभग दो दर्जन हाथी पहुंच गए। हाथियों ने कई किसानों के खेत-खलिहान को बर्बाद कर दिया। हाथियों ने गांव में हरिहर सिंह के खपरैल घर के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर किसी तरीके से सभी हाथियों को जंगलों की ओर भागने में सफलता हासिल की। हालांकि, इस भाग दौड़ में एक हाथी पीछे रह गया, जिसका ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर क्षेत्र के कई व्हाट्सएप ग्रुप में डाला है।


वहीं दिन के उजाले में एक साथ दो दर्जन हाथी को गांव में आ जाने से ग्रामीण दहशत में हैं और डरे-सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र से हाथियों को भगाने की मांग की है।बताते चले गए पिछले दो सालों से चिनीयां प्रखंड क्षेत्र में हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। हाथियों के द्वारा लगातार क्षेत्र में जान माल का नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जबकि हाथियों ने अभी तक दर्जनों घरों को भी क्षतिग्रस्त किया है। लेकिन हाथी को क्षेत्र से भागने में विभाग का अभी तक कोई ठोस पहल नहीं है।
इसका खामियाजा क्षेत्र की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हाथी से सबसे अधिक नुकसान क्षेत्र के किसानों को हुआ है। किसान किसी तरीके से खेती तो करते हैं, लेकिन हाथी लगातार खेत में लगे फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग के द्वारा किसानों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल दिया जा रहा है। जिसे लेकर विभाग के प्रति किसानों में काफी आक्रोश व्याप्त है।