-जल-जीवन-हरियाली अभियान में मुजफ्फरपुर की बड़ी उपलब्धि, 221 जल संरचनाएं कराई गईं अतिक्रमण मुक्त
-मनरेगा से बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
मुजफ्फरपुर, 16 मई 2026। जिले में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “जल-जीवन-हरियाली” अभियान के तहत संचालित योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा शनिवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की गई। बैठक में मनरेगा, पंचायती राज, कृषि, लघु जल संसाधन, ब्रेडा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जल संरक्षण, अतिक्रमण मुक्त अभियान, सोख्ता निर्माण, तालाब एवं कुओं के जीर्णोद्धार तथा पौधारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने सभी योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 5802 सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं का निरीक्षण किया गया, जिनमें 221 संरचनाएं अतिक्रमित पाई गईं। प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सभी 221 जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया। वहीं अतिक्रमण हटाने के बाद प्रभावित 111 भूमिहीन परिवारों को चिन्हित कर सभी को वास भूमि उपलब्ध कराई गई है।
पंचायती राज विभाग द्वारा सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार में भी शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। विभाग को मिले 430 कुओं के लक्ष्य के विरुद्ध सभी कुओं का जीर्णोद्धार कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा 390 सोख्ता निर्माण योजनाओं का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है, जिससे जल संरक्षण और भू-जल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत खेत पोखर एवं नए जल स्रोत निर्माण की 126 योजनाओं में से 124 पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर कार्य जारी है। कृषि विभाग ने नए जल स्रोत सृजन की 22 योजनाओं का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है।
बैठक में ब्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा भी की गई। 458 योजनाओं के लक्ष्य में से 451 योजनाएं पूरी कर ली गई हैं, जबकि 7 योजनाओं पर कार्य जारी है। अधिकारियों ने बताया कि इससे ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।

लघु जल संसाधन विभाग द्वारा चयनित 34 सार्वजनिक तालाबों के जीर्णोद्धार में से 27 योजनाएं पूरी कर ली गई हैं। शेष योजनाओं को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया।
मनरेगा योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 213 केंद्र निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है। अब तक 112 योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनमें 73 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 86 केंद्रों पर कार्य प्रगति पर है।
बैठक में कहा गया कि नए आंगनबाड़ी केंद्र बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण एवं टीकाकरण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। केंद्रों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं बैठने की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षा में बताया गया कि जिले की 373 पंचायतों में कुल 711 सामुदायिक सोकपीट का निर्माण किया गया है, जिससे जल निकासी एवं स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई है।
आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले की प्रत्येक पंचायत में 200 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को पौधारोपण अभियान की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजना है और इसके सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याण के उद्देश्यों की प्रभावी पूर्ति हो सके।












