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गोबरसही गैस पाइपलाइन विस्फोट की होगी उच्चस्तरीय जांच, 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी

-गोबरसही गैस पाइपलाइन विस्फोट की होगी उच्चस्तरीय जांच, 24 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी कमेटी

-एक की मौत, चार घायल; दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, क्षतिग्रस्त मकानों का भी होगा आकलन

मुजफ्फरपुर। शहर के गोबरसही-डुमरी रोड में सोमवार दोपहर नाला निर्माण के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से हुए विस्फोट की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। घायलों में दो की स्थिति गंभीर बताई गई है। विस्फोट से आसपास के कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्हें प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसीएल) की टीमें मौके पर मौजूद हैं। निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को बचाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन के अनुसार, हादसे में गंभीर रूप से घायल दो लोगों का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार सदर अस्पताल में किया जा रहा है। सिविल सर्जन और चिकित्सकों को घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं, क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन किया जा रहा है। सरकार के निर्धारित प्रावधानों के तहत मृतक के निकटतम परिजन, घायलों और प्रभावित मकानों के स्वामियों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

जेसीबी से खुदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन:

जिलाधिकारी ने प्रारंभिक जानकारी के हवाले से बताया कि पथ निर्माण विभाग की ओर से सड़क पर नाला निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान जेसीबी से खुदाई करते समय गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन से गैस का रिसाव होने के कारण विस्फोट हुआ।

तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित:

घटना की जांच के लिए अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। इसमें अनुमंडल पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर पूर्वी और जिला अग्निशमन पदाधिकारी को शामिल किया गया है। समिति को 24 घंटे के भीतर विधिवत जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनकी जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।