-खगेश्वरनाथ सहित मुजफ्फरपुर के प्रमुख धार्मिक स्थल बनेंगे पर्यटन केंद्र, जिलाधिकारी ने भेजा विकास प्रस्ताव
मुजफ्फरपुर, 22 मई 2026:दीपक। मुजफ्फरपुर जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने जिले के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों—कटरा प्रखंड स्थित माता चामुंडा स्थान, बंदरा अंचल अंतर्गत मतलूपुर स्थित बाबा खगेरेश्वर नाथ महादेव मंदिर और औराई के भैरव स्थान—को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा है।
जिलाधिकारी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में इन धार्मिक स्थलों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आस्था से जुड़ी महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इनके समुचित विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके लिए संबंधित भूमि का विस्तृत विवरण भी पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराया गया है, ताकि आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा सके।
कटरा स्थित प्रसिद्ध माता चामुंडा स्थान के लिए लगभग 90.80 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराई गई है। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पार्किंग, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, विश्राम स्थल, यात्री शेड, पथ निर्माण, सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक मंच जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा सकती है। प्रशासन का मानना है कि बेहतर सुविधाएं मिलने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

वहीं बंदरा अंचल के मतलूपुर स्थित बाबा खगेरेश्वर नाथ महादेव मंदिर को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की अनुशंसा की गई है। यह मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां सावन मास में विशाल मेला लगता है। मेले का संचालन बिहार राज्य मेला प्राधिकार द्वारा किया जाता है, जबकि मंदिर प्रबंधन के लिए धार्मिक न्यास समिति भी गठित है। प्रशासन ने मंदिर परिसर की 48 डिसमिल भूमि के साथ लगभग 1 एकड़ 36 डिसमिल अतिरिक्त भूमि पर्यटन विकास के लिए उपलब्ध कराई है। प्रस्ताव में सड़क संपर्क, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, हरित क्षेत्र, घाट और श्रद्धालुओं के लिए अन्य सुविधाओं के विकास की बात कही गई है।
इसके अलावा औराई के प्रसिद्ध भैरव स्थान मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी पहले ही पर्यटन विभाग को भेजा जा चुका है।
प्रशासन का मानना है कि इन धार्मिक स्थलों के विकास से मुजफ्फरपुर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से होटल व्यवसाय, परिवहन, हस्तशिल्प, प्रसाद और पूजा सामग्री से जुड़े कारोबारों को लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को भी नए बाजार उपलब्ध होंगे।
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से आसपास के गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी सुधार होगा। इसके साथ ही जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में भी मदद मिलेगी।
यदि पर्यटन विभाग से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो मुजफ्फरपुर आने वाले वर्षों में उत्तर बिहार के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।












