-एसकेएमसीएच की व्यवस्था पर सवाल: गंभीर बीमार पत्नी को पीठ पर लादकर डॉक्टर के पास पहुंचा पति, स्ट्रेचर नहीं मिलने का आरोप
मुजफ्फरपुर। उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक मार्मिक घटना सामने आई है। अस्पताल में स्ट्रेचर और आपातकालीन सुविधाओं के दावों के बीच एक लाचार पति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को पीठ पर उठाकर डॉक्टर के पास पहुंचने को मजबूर हो गया। इस घटना ने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मीनापुर प्रखंड निवासी शकल साह अपनी पत्नी पार्वती देवी का इलाज कराने एसकेएमसीएच पहुंचे थे। उनकी पत्नी की तबीयत काफी खराब थी। शकल साह का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने कई बार ट्रॉलीमैन और स्वास्थ्यकर्मियों से स्ट्रेचर उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन काफी देर तक उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
जब काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली तो शकल साह ने अपनी पत्नी को पीठ पर उठाया और डॉक्टर के चेंबर तक लेकर पहुंचे। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने यह दृश्य देखा तो हर कोई हैरान रह गया। शकल साह ने बताया कि पत्नी की हालत लगातार गंभीर हो रही थी। उन्होंने कई बार स्ट्रेचर की मांग की, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। आखिरकार पत्नी की जान बचाने के लिए उन्हें मजबूरी में पीठ पर उठाकर डॉक्टर तक ले जाना पड़ा।

पार्वती देवी ने बताया कि पिछले चार दिनों से गांव के एक स्थानीय चिकित्सक से उनका इलाज चल रहा था। तबीयत में सुधार नहीं होने और हालत बिगड़ने पर बेहतर इलाज की उम्मीद से उन्हें एसकेएमसीएच लाया गया था, लेकिन यहां भी उन्हें समय पर आवश्यक सुविधा नहीं मिल सकी।
इस मामले पर एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने कहा कि स्ट्रेचर नहीं मिलने की कोई औपचारिक शिकायत उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक ट्रॉलीमैन स्ट्रेचर के साथ तैनात रहते हैं। यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि किन परिस्थितियों में मरीज को अपनी पत्नी को पीठ पर उठाकर डॉक्टर के पास जाना पड़ा।
एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और समस्तीपुर समेत उत्तर बिहार के कई जिलों के मरीजों के लिए प्रमुख सरकारी अस्पताल है। प्रतिदिन हजारों मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्ट्रेचर जैसी बुनियादी सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं होने के आरोप ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर अस्पताल प्रशासन की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।













