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एलएनटी कॉलेज में जैव विविधता संरक्षण पर व्याख्यान, प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित

-एलएनटी कॉलेज में जैव विविधता संरक्षण पर व्याख्यान, प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित

-पूर्व वैज्ञानिक डॉ. गोपाल शर्मा ने नदियों, वनों और आर्द्रभूमियों के संरक्षण को बताया जरूरी
-पीपीटी, पोस्टर, पेंटिंग, मॉडल मेकिंग और रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

मुजफ्फरपुर। ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय (एलएनटी कॉलेज), मुजफ्फरपुर में मंगलवार को पारिस्थितिकी संतुलन, जैव विविधता और मानव अस्तित्व की सुरक्षा का आधार विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पूर्व वैज्ञानिक एवं संयुक्त निदेशक डॉ. गोपाल शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नदियों, वनों और आर्द्रभूमियों का संरक्षण मानव जीवन और पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। गंगा नदी और गांगेय डॉल्फिन का उदाहरण देते हुए उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. ममता रानी ने अध्यक्षीय संबोधन में विद्यार्थियों से पर्यावरण एवं जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूक होने और इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में मौजूद स्थानीय जैव विविधता की सूची तैयार कराने की घोषणा भी की।

विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मोहन ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण मनुष्य की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रकृति से प्रेम और उसके संरक्षण में योगदान देना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के लिए प्रकृति से बेहतर मित्र कोई नहीं हो सकता।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) श्री नारायण प्रसाद सिंह ने जैव विविधता और खाद्य सुरक्षा के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला। डॉ. ब्रज किशोर प्रसाद सिंह ने सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता बताई। वहीं, प्रो. (डॉ.) मनेंद्र कुमार ने स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के आयोजक डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि प्रकृति का प्रत्येक जीव महत्वपूर्ण है और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उसकी अपनी भूमिका है। पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम और उनकी रक्षा करना प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने के समान है।

कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के बीच पीपीटी, पोस्टर मेकिंग, मॉडल मेकिंग, पेंटिंग और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निर्णायक मंडल में डॉ. गोपाल शर्मा, प्रो. (डॉ.) राकेश मोहन, प्रो. (डॉ.) श्री नारायण प्रसाद सिंह, प्रो. (डॉ.) मनेंद्र कुमार, डॉ. ब्रज किशोर प्रसाद सिंह एवं डॉ. अर्चना गुप्ता शामिल रहे।

प्रतियोगिताओं में पीपीटी में श्वेता कुमारी ने प्रथम, रितु रानी ने द्वितीय और मुस्कान कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग में केशव प्रथम, अंशु कुमारी द्वितीय और साक्षी कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। पेंटिंग प्रतियोगिता में लीजा फलक ने प्रथम, रिफत जाहरा ने द्वितीय और उपासना कुमारी ने तृतीय स्थान हासिल किया। मॉडल मेकिंग में अमृत कुमार प्रथम, राजनंदिनी कुमारी द्वितीय और आस्था राज तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं, रंगोली प्रतियोगिता में आयुषी की टीम प्रथम और आस्था सिंह की टीम द्वितीय रही।

सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. योगेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने मुख्य वक्ता, निर्णायक मंडल, प्राचार्या, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।