-सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े ! ‘एक्जीक्यूटिव इंजीनियर’ को 1 ही दिन मे 2 करोड़ का ‘प्लॉट’ खरीदना बना जी का जंजाल ! प्रभारी SE बनते-बनते रह गए…थैली भी न आया काम
सम्वाददाता। पटना।
नीतीश सरकार जून महीने में अधिकारियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग करती है. पटना में पदस्थापित रंग-रोगन व निर्माण वाले विभाग के एक सीनियर कार्यपालक अभियंता, प्रभारी अधीक्षण अभियंता बनने की रेस में थे. रेस में सफल होने के लिए हर हथकंडा अपना रहे थे. इसके लिए जिम्मेदारों के यहां दौड़ भी लगा रहे थे. इसी बीच जून 2023 में एक दिन में ही करोड़ों की जमीन खरीदने की बात लीक हो गई। जून के पहले हफ्ते में ही कार्यपालक अभियंता ने जमीन की खरीद की. तीसरे हफ्ते में ही यह पोल खुल गई. यानि, सिर मुंडाते ही ओले पड़े, वाली कहावत चरितार्थ हो गई। न्यूज4नेशन ने इस खबर को उजागर कर दिया. नतीजा यह हुआ कि जो कार्यपालक अभियंता प्रभारी अधीक्षण अभियंता बनने की रेस में थे, उनका पत्ता साफ हो गया. बदनामी का ठप्पा ऐसा लगा कि प्रभारी एसई की कुर्सी मिलते-मिलते रह गई। बेचार अब उसी जगह पर रह गए. वैसे वे जहां हैं वह भी काफी उर्वर जगह है।
नीतीश राज में सरकारी सेवक संपत्ति बनाने में रिकार्ड बना रहे. संपत्ति बनाने के लिए तरह-तरह के हथकंड़े अपनाये जा रहे. रिश्तेदार पर स्व अधिकार वाली कृपा बरसाई जा रही है. कृपा से रिश्तेदार काफी फल-फूल रहे. जरा देखिए… एक दिन में एक कार्यपालक अभियंता ने दो करोड़ से अधिक की संपत्ति पटना में खऱीद लिया. पटना में पदस्थापित निर्माण विभाग के कार्यपालक अभिय़ंता ने जून 2023 में ही करोड़ों की जमीन खरीदकर एक तरह से रिकार्ड ही बनाया है. नीतीश राज में यह एक अनोखा रिकार्ड है, जिसमें एक कार्यपालक अभियंता ने एक दिन में अपनी पत्नी के नाम पर सरकारी रेट से एक करोड़ से अधिक का भूखंड खरीदा. जमीन खरीदना गलत नहीं,पर निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने आखिर इतना व्हाइट पैसा कहां से लाया यह तो जांच के बाद पता चलेगा, लेकिन इसकी चर्चा जोरों पर है कि सरकारी रेट अगर एक करोड़ से अधिक का है तो मार्केट वैल्यू 2-3 करोड़ के बीच होगा।
पटना में निर्माण विभाग केएक डिवीजन में पदस्थापित कार्यपालक अभियंता ने राजधानी से सटे इलाके में 8 कट्ठा कॉमर्शियल प्लॉट की खरीद की है. जमीन पत्नी के नाम पर खऱीदी गई है. लगभग 24 डिसमिल जमीन को पत्नी के नाम पर चार टुकड़ों में खरीदा गया है. सबसे बड़ा टुकड़ा लगभग 15 डिसमिल है, जिसका फाईनल सरकारी रेट लगभग 64 लाख है. इसके अलावे दूसरे प्लॉट का सरकारी मूल्य 30 लाख रू दर्शाया गया है. दो अन्य टुकड़ा जिसका मूल्य 5-5 लाख से अधिक है. इंजीनियर साहब ने पत्नी के नाम पर यह प्रोपर्टी रजिस्ट्री कराई है. उक्त जमीन पटना के पेरिफेरल एरिया में अवस्थित है. बताया जाता है कि उक्त जमीन बिहटा-दनियावां एनचएच किनारे अवस्थित है. सरकारी कागजात में जमीन को कॉमर्शियल नौबतपुर अंचल दर्शाया गया है।

अब आपको बताएं कि वो कार्यपालक अभियंता हैं कौन….? जिन्होंने पिछले महीने करोड़ों की जमीन एक दिन में खरीद की है. निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता राजधानी पटना में पदस्थापित हैं. बताया जाता है कि जिस जगह पर पदस्थापति हैं वो काफी उर्वर जगह है. काम बड़े-बड़े लोगों के आशियाने का रख रखाव का करते हैं. इंजीनियर साहब जहां पदस्थापित हैं उसका नाम भी काफी ऐतिहासिक है. बताया जाता है कि कार्यपालक अभियंता मगध क्षेत्र से जुड़े हैं. लेकिन सरकारी डेटा में होम स्टेट पड़ोसी राज्य है.
निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता जो पटना में पदस्थापित हैं, उनके द्वारा कृपा बरसाने के बारे में बता रहे. एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जहां-जहां जाते हैं अपने रिश्तेदार को साथ लेकर जाते हैं. पदस्थापन काल में अपने रिश्तेदार पर जमकर कृपा बरसाते हैं. स्व विवेक वाली राशि से काम देकर जमकर उपकृत करते हैं. इसका लाभ भी उन्हें अपरोक्ष तौर पर मिलता है. पूरा मामला अब खुल गया है. बताया जाता है कि कार्यपालक अभियंता के रिश्तेदार ने एक कंपनी बना रखी है. उसी कंपनी को छोटा-छोटा काम अलॉट कर दिया जाता है. यह राशि हर साल करोड़ों में पहुंच जाती है।












