-अब चीन सहित इन देशों के मौसम का हाल बताएगा पूर्णिया का वेदर रडार, किसानों को भी होगा फायदा; जानिए इसकी खूबियां
पूर्णिया।संवाददाता।
चीन सहित पड़ोसी देश नेपाल, बांग्लादेश, भूटान आदि की सीमा तक के मौसम का हाल अब जल्द ही पूर्णिया मौसम केंद्र दे सकेगा। यहां उच्च क्षमता वाला डाप्लर वेदर रडार स्थापित होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इसके लिए मौसम केंद्र कार्यालय के पास स्थल का चयन कर लिया गया है तथा शीघ्र ही इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण शुरू होगा। फिलहाल यहां पोर्टा केबिन कार्यालय स्थापित कर दिया गया है। इसमें जोनल इंस्ट्रूमेंट सेंटर संचालित होगा। सेंटर में नार्थ-ईस्ट बिहार के जिलों, प्रखंडों व कृषि केंद्रों में स्थापित मौसम उपकरणों के मेंटनेंस का काम किया जाएगा।
पूर्णिया में लगने वाला डाप्लर वेदर रडार मौसम के साथ सामरिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। पूर्णिया सीमावर्ती क्षेत्र है, जो नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, चीन के काफी करीब है। यहां लगने वाला डाप्लर रडार की क्षमता करीब 500 किमी होगी पर यह 250-300 किमी तक के एरियल एक्टिविटी पर सटीक रूप से नजर रख सकेगी।
यह रडार पड़ोसी बार्डर पर होने वाले हवाई हलचल की जानकारी हासिल करेगा, जो हमारे सैन्य विश्लेषकों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा। यह रडार दो सौ किमी से अधिक रेडियस में होने वाले मौसमी परिवर्तन का सटीक विश्लेषण करेगा। इससे किसानों को समय पर तूफान, वर्षा आदि की जानकारी मिल जाएगी।
इससे उन्हें किसानी में मदद मिलेगी। वहीं वज्रपात, लाइटनिंग आदि की भी पूर्व जानकारी कोशी-सीमांचल सहित उत्तर-पूर्वी बिहार के लोगों को पूर्व में मिल जाएगी जिससे जान-माल का नुकसान भी न्यूनतम किया जा सकेगा।

मौसम केंद्र, पूर्णिया के प्रभारी डीके भारती कहते हैं कि-
पूर्णिया मौसम केंद्र में पोर्टा केबिन आफिस स्थापित हो गया है। इसमें जोनल इंस्ट्रूमेंट सेंटर भी संचालित होगा। सेंटर में उत्तर-पूर्वी बिहार के मौसम संबंधी उपकरणों के मेंटेंनेंस का काम होगा। पहले इसके लिए पटना और कोलकाता से विशेषज्ञों की टीम बुलानी पड़ती थी।
इसके साथ ही इस साल के अंत तक यहां डाप्लर वेदर रडार भी स्थापित हो जाएगा। इसके लिए जल्द ही इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का काम शुरू हो रहा है। पटना के बाद यह बिहार का दूसरा वेदर रडार होगा।
















