Advertisement

CMO से हटे दीपक कुमार, अब आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संभालेंगे जिम्मेदारी

-CMO से हटे दीपक कुमार, अब आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संभालेंगे जिम्मेदारी

पटना। बिहार सरकार ने वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक कुमार की जिम्मेदारी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। 1984 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी से हटाकर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। बुधवार को जारी सरकारी अधिसूचना के अनुसार, वह पदभार ग्रहण करने की तारीख से कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा प्राप्त करेंगे।

दीपक कुमार लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं। वह नीतीश कुमार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे और 2021 में सक्रिय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े रहे। इसके बाद सरकार और मुख्यमंत्री में बदलाव के बावजूद वह सीएमओ में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे।

दीपक कुमार ने 31 मई 2018 को बिहार के मुख्य सचिव का पद संभाला था। उनकी सेवानिवृत्ति से पहले केंद्र सरकार ने बिहार सरकार के अनुरोध पर उन्हें दो बार छह-छह महीने का सेवा विस्तार दिया था। 28 फरवरी 2021 को मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद अगले ही दिन उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।

प्रशासनिक करियर में दीपक कुमार ने बिहार और झारखंड के कई जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर काम किया। इसके अलावा वह कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के महानिदेशक और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के चेयरमैन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे हैं।

अब उनकी नई जिम्मेदारी ऐसे समय में आई है, जब बिहार के कई हिस्से बाढ़ और भारी बारिश की चुनौतियों से जूझ रहे हैं। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण आपदा प्रबंधन की नीति, योजना, तैयारी और जोखिम न्यूनीकरण से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्राधिकरण की नई जिम्मेदारी में बाढ़, राहत, बचाव और भविष्य की आपदाओं से निपटने की तैयारियां अहम विषय रहेंगी।

यह पद सितंबर में तत्कालीन उपाध्यक्ष उदयकांत मिश्रा का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुआ था। दीपक कुमार की नियुक्ति के साथ अब प्राधिकरण को नया उपाध्यक्ष मिल गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से दीपक कुमार की विदाई को बिहार के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके भविष्य में किसी अन्य केंद्रीय या महत्वपूर्ण पद पर जाने की चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।