-नेपाल के शालग्राम सिला से बने प्रभु राम की प्रतिमा अयोध्या के राम मंदिर में होगा स्थापित
जनकपुरधाम (नेपाल)। मधुुुकर।
नेपाल के शालिग्राम पत्थर से अयोध्या में बन रहेराम मंदिर में प्रभु श्री राम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। रविवार को काली गंडकी नदी के गलेश्वर स्थान से सात फीट लंबा तथा पांच फीट चौड़ा शालिग्राम दोपत्थर को काली गंडकी नदी से निकालकर पूजा पाठ के बाद बेनी, पोखरा, हैटोडा होते हुए जनकपुरधाम के जानकी मंदिर लाया जा रहा है।काली गंडकी नदी से पत्थर सतह पर लाकर जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास बैष्णव की अगुवाई में बिधिबत पूजा की गयी। विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय मंत्री राजेन्द्र सिंह पंकज, पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के बरिष्ठ नेता बिमलेन्द्र निधि विश्व हिन्दू परिषद नेपाल के महासचिव जीतेन्द्र कुमार सिंह, संगठन सचिव प्रह्लाद कुमार, गण्डकी प्रदेश के गवर्नर पृथ्वी गुरुंग, निवर्तमान मुख्यमंत्री कृष्ण चंद्र पोखरेल, सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कुछ माह पूर्व राम जन्मभूमि के पदाधिकारी चंपक राय, नृपेन मिश्र से जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास बैष्णव, पूर्व उप प्रधानमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के बरिष्ठ नेता बिमलेन्द्र निधि ने आग्रह किया था कि निर्माणाधीन राम मंदिर में नेपाल के काली गंडकी के शालग्राम पत्थर से बने प्रभु श्री राम के बाल रुप प्रतिमा स्थापित किया जाए। जिस पर सहमति जतायी गयी। पुर्व उप प्रधान मंत्री तथा नेपाली कांग्रेस के नेता बिमलेन्द्र निधि ने इससे जनकपुरधाम तथा अयोध्या के बीच सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे। यहां उल्लेखनीय है कि नेपाल के गण्डकी प्रदेश के म्यागदी जिला में काली गण्डकी के गलेश्वर स्थान हैं। यह स्थान पोखरा से 60किलो मीटर दूर चीन सीमा के पास हैं। इस नदी के प्राय:सभी पत्थर शालिग्राम होता है। शालिग्राम को बिष्णु का रुप माना जाता है। बैष्णव संप्रदाय में सभी मंदिरों में शालिग्राम रखे जाते ऐ। इसकी पूजा की जाती है।















