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तीन साल से लापता छात्रा की बरामदगी पर कोर्ट सख्त, मिठनपुरा थानेदार से शोकॉज

-तीन साल से लापता छात्रा की बरामदगी पर कोर्ट सख्त, मिठनपुरा थानेदार से शोकॉज

मुजफ्फरपुर। जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र से करीब तीन साल पहले लापता हुई छात्रा की बरामदगी नहीं होने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-8 (पूर्वी) की अदालत ने मिठनपुरा थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण तलब किया है। अदालत ने पुलिस से पूछा है कि इतने लंबे समय बाद भी छात्रा की बरामदगी और अनुसंधान में अब तक क्या प्रगति हुई है।

इस मामले में छात्रा की बरामदगी और पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर सूचक के अधिवक्ता अमित प्रकाश श्रीवास्तव ने न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने थानाध्यक्ष से जवाब मांगा है।

कोचिंग जाने के दौरान लापता हुई थी छात्रा:

मामले के अनुसार, छात्रा की मां ने 3 मार्च 2023 को मिठनपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में बताया गया था कि 24 फरवरी 2023 की शाम छात्रा रोज की तरह कोचिंग के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

परिजनों के अनुसार, घटना की रात छात्रा के मोबाइल नंबर से उनके पास फोन आया था। फोन करने वाले ने छात्रा का अपहरण किए जाने की बात कही थी। इस घटना के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने पुलिस से छात्रा की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई, लेकिन उनका कहना है कि अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।

न्यायालय की शरण में पहुंचे परिजन:

छात्रा के परिजनों का आरोप है कि मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अधिवक्ता अमित प्रकाश श्रीवास्तव ने न्यायालय में छात्रा की बरामदगी और अनुसंधान की प्रगति को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

अब अदालत की ओर से मिठनपुरा थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। परिजनों को उम्मीद है कि न्यायालय के हस्तक्षेप से अनुसंधान में तेजी आएगी और लापता छात्रा का पता लगाने की दिशा में ठोस पहल होगी।