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डीएपी खाद की कालाबाजारी का आरोप, 1350 रुपये का बैग 2000 में बेचने की शिकायत

-डीएपी खाद की कालाबाजारी का आरोप, 1350 रुपये का बैग 2000 में बेचने की शिकायत

-दशहरा के बाद उर्वरक दुकानों और गोदामों की होगी जांच, गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई

समस्तीपुर/पूसा: प्रखंड परिसर स्थित ई-किसान भवन सभागार में बुधवार को प्रखंड उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने उर्वरक की किल्लत और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायत की। वहीं, उर्वरक विक्रेताओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं और समाधान के लिए सुझाव दिए।

बैठक में प्रखंड कृषि पदाधिकारी शेखर कुमार मधुकर ने कहा कि किसानों को उर्वरक की उपलब्धता में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार उर्वरक की कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ छापेमारी की जाएगी। अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान भाकपा-माले के प्रखंड सचिव अमित कुमार ने आरोप लगाया कि 50 किलोग्राम डीएपी खाद के एक बैग की निर्धारित कीमत 1,350 रुपये है, जबकि कुछ दुकानदार इसे 2,000 रुपये में बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है। अमित कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दुकानदार डीएपी खाद को अपनी दुकान या आसपास के गोदाम में रखने के बजाय दूसरे गोदामों में जमा कर कालाबाजारी करते हैं।

इस पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने कहा कि यदि इस तरह की शिकायतें सही पाई जाती हैं तो दशहरा के बाद दुकानदारों के गोदामों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में पैक्स अध्यक्ष प्रेम कुमार झा, राजेश कुमार, मनोज राय सहित अन्य पैक्स अध्यक्ष और उर्वरक विक्रेता उपस्थित थे।