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प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अर्जुन का निधन

-प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अर्जुन का निधन

-कांटी में शोक की लहर
-पेट के कैंसर से थे पीड़ित
-पिता की सेवा के लिए बेटे ने छोड़ी यूक्रेन की नौकरी
-पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

मुजफ्फरपुर। जिले के कांटी नगर परिषद के वार्ड संख्या 17 निवासी प्रसिद्ध होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अर्जुन का मंगलवार देर रात पटना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही कांटी और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। देर रात उनका पार्थिव शरीर कांटी स्थित आवास पर लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

परिजनों के अनुसार, डॉ. अर्जुन पिछले वर्ष पेट के कैंसर से पीड़ित पाए गए थे। इसके बाद उनका बड़ा ऑपरेशन भी कराया गया था। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत काफी नाजुक बनी हुई थी। उनके पुत्र अमन यूक्रेन से डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद वहीं चिकित्सक के रूप में कार्यरत थे। पिता की गंभीर बीमारी की जानकारी मिलने पर वे करीब तीन महीने पहले यूक्रेन की नौकरी छोड़कर घर लौट आए थे और लगातार उनकी देखभाल कर रहे थे।

बुधवार की सुबह डॉ. अर्जुन की पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव असनगर ले जाया गया, जहां वैदिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता की सेवा के लिए बेटे द्वारा नौकरी छोड़कर लौटने की बात ने लोगों को भावुक कर दिया।

डॉ. अर्जुन के निधन पर चिकित्सा, साहित्य, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। शोक जताने वालों में चंद्रभूषण सिंह, नवीन कुमार उर्फ शशि ठाकुर, गजेंद्र पासवान, महेश प्रसाद साह, जनार्दन ठाकुर, उज्ज्वल गुप्ता, राजकुमार साह, कुंदन कुमार चंदन, गुड्डू चौधरी, बिटु चौधरी, अरुण पाण्डे, विश्वनाथ सिंह, दीपक कुमार, अरविंद सिंह और रजनीश कुमार सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी ने उनके निधन को समाज और चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।