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नेपाल के बौद्ध गुरु लामा घ्याचो रिम्पोछे को मिला जगद्गुरु सम्मान

-नेपाल के बौद्ध गुरु लामा घ्याचो रिम्पोछे को मिला जगद्गुरु सम्मान

-वृंदावन में पट्टाभिषेक समारोह के दौरान किया गया सम्मानित
-नेपाल के प्रथम बौद्ध धर्मगुरु होने का दावा

जनकपुरधाम। (मिश्री लाल मधुकर) नेपाल के प्रमुख बौद्ध धर्मगुरु श्री श्री 1008 लामा घ्याचो रिम्पोछे को वृंदावन में आयोजित पट्टाभिषेक समारोह के दौरान जगद्गुरु अलंकरण से सम्मानित किया गया। वे अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच नेपाल के बोर्ड सलाहकार के प्रमुख सलाहकार भी हैं। आयोजकों के अनुसार, यह सम्मान उन्हें धर्म-अध्यात्म के प्रचार-प्रसार, मानवता के उत्थान तथा बौद्ध धर्म के साथ सनातन संस्कृति और भारत की प्राचीन सभ्यता को बढ़ावा देने में योगदान के लिए प्रदान किया गया। उन्हें यह उपाधि प्राप्त करने वाला नेपाल का पहला बौद्ध धर्मगुरु बताया गया है।
लामा घ्याचो रिम्पोछे काठमांडू में बुद्धिस्ट वर्ल्ड आश्रम का निर्माण करवा रहे हैं। भक्तों के विशेष आग्रह पर आश्रम का नाम जगद्गुरु के नाम पर रखने की योजना है। आश्रम में बौद्ध धर्म और सनातन धर्म से जुड़ी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसका उद्देश्य दोनों परंपराओं के बीच समरसता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है।


जगद्गुरु लामा घ्याचो रिम्पोछे ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व अशांति की समस्या से जूझ रहा है। बुद्ध के उपदेशों के साथ रामायण, महाभारत और गीता की शिक्षाओं के माध्यम से समाज में शांति और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने धर्म और अध्यात्म को मानवता के कल्याण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
जगद्गुरु की उपाधि मिलने पर जनकपुर बौद्धिक विचार मंच के अध्यक्ष, जनकपुरधाम उपमहानगरपालिका के वार्ड 23 के अध्यक्ष राघवेंद्र साह, गौ संरक्षण मंच के उपाध्यक्ष श्रीचंद साह तथा अखिल भारतीय हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार भोगेंद्र लाल कर्ण सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी। लोगों ने इसे बौद्ध और सनातन परंपराओं के बीच संवाद, समरसता और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।