-कांटी पूर्वी रेलवे गुमटी के अंडरपास में जलजमाव से आवागमन प्रभावित, स्थायी समाधान की मांग
-गुमटी बंद रहने पर बढ़ती है परेशानी, मरीजों और शवों को श्मशान ले जाने में भी होती है दिक्कत
मुजफ्फरपुर। कांटी नगर परिषद के वार्ड संख्या 23 और 20 सहित कांटी नगर, शहर और आसपास के गांवों को जोड़ने वाले कांटी पूर्वी रेलवे गुमटी के पास स्थित अंडरपास में जलजमाव से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में पानी जमा रहने के कारण रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है। खासकर रेलवे गुमटी बंद रहने पर लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। अंडरपास में पानी जमा रहने और रेलवे गुमटी बंद होने के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है। लोगों का दावा है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस के फंसने या समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने से मरीजों की जान पर भी खतरा उत्पन्न होता है। वहीं, किसी की मृत्यु होने पर शव को श्मशान घाट तक ले जाने में भी लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

लोगों का सवाल है कि आखिर इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की जिम्मेदारी कौन लेगा? स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से अंडरपास में जलजमाव दूर करने के लिए ठोस पहल करने की मांग की है।
लोगों ने कपरपुरा स्टेशन की रेलवे गुमटी चालू होने के बाद श्रेय लेने की होड़ का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि कांटी पूर्वी रेलवे गुमटी के पास अंडरपास की समस्या के समाधान के लिए भी जनप्रतिनिधि आगे क्यों नहीं आते।
स्थानीय लोगों की मांग है कि अंडरपास से पानी निकालने के लिए प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को सालभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। अब देखना है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस समस्या के समाधान के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं।












