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पटना-मुजफ्फरपुर के बीच रैपिड रेल परियोजना पर काम शुरू, एक घंटे में तय होगा सफर

-पटना-मुजफ्फरपुर के बीच रैपिड रेल परियोजना पर काम शुरू, एक घंटे में तय होगा सफर

पटना। बिहार में क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के चार कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। राज्य कैबिनेट की मंजूरी के बाद पटना और मुजफ्फरपुर के बीच रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (एएआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए करीब 31.59 करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है।

एएआर और डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) को दी गई है। एनसीआरटीसी की टीम ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। टीम संभावित यात्रियों की संख्या, यातायात दबाव और यात्रा की मांग का अध्ययन करेगी। इसी आधार पर रैपिड रेल का संभावित रूट, स्टेशन और स्टॉपेज निर्धारित किए जाएंगे।

प्रस्तावित आरआरटीएस कॉरिडोर पटना से हाजीपुर होते हुए मुजफ्फरपुर तक विकसित करने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना और मुजफ्फरपुर के बीच यात्रा का समय घटकर करीब एक घंटे रह जाने की उम्मीद है। यह सेवा मेट्रो से अलग होगी और सेमी हाई-स्पीड रेल परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित की जाएगी।

रैपिड रेल की औसत गति करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बताई गई है। इससे पटना, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्रों के बीच तेज कनेक्टिविटी विकसित हो सकेगी। प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट सहित प्रमुख परिवहन केंद्रों को भी इससे जोड़ने की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा।

एएआर के दौरान यात्रियों की आवाजाही, संभावित रूट, स्टेशन, जमीन की उपलब्धता, निर्माण लागत और तकनीकी विकल्पों का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा पटना मेट्रो, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के साथ आरआरटीएस की कनेक्टिविटी को लेकर भी संभावनाएं तलाश की जाएंगी। अध्ययन के आधार पर संभावित परियोजना का खाका तैयार कर डीपीआर में शामिल किया जाएगा।