-एनटीपीसी कांटी में ऐश डाइक ब्रीच की आपात स्थिति पर संयुक्त मॉक ड्रिल, 44 मिनट में नियंत्रित किया गया परिदृश्य
मुजफ्फरपुर। एनटीपीसी कांटी में शनिवार को ऐश डाइक लैगून-2 में ब्रीच और तीन व्यक्तियों के डूबने की आपात स्थिति को लेकर संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसका उद्देश्य आपात परिस्थितियों में विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी समन्वय की क्षमता का परीक्षण करना था।
मॉक ड्रिल सीआईएसएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और एनटीपीसी कांटी प्रबंधन के संयुक्त समन्वय से संचालित हुई। आपात सूचना मिलते ही निर्धारित आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल के तहत संबंधित टीमों को सक्रिय किया गया। फायर टीम, चिकित्सा दल, सिविल टीम, सुरक्षा कर्मियों सहित अन्य संबंधित दल घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव एवं राहत कार्यों का अभ्यास किया। ब्रीच को नियंत्रित करने तथा आसपास पानी के बहाव को सीमित करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई का अभ्यास किया गया।

पूरे आपदा परिदृश्य को करीब 44 मिनट में नियंत्रित किया गया। इसके बाद सुबह 11:50 बजे ऑल क्लियर सिग्नल दिया गया। असेंबली प्वाइंट के समीप समापन चर्चा और ब्रीफिंग में मॉक ड्रिल के दौरान की गई कार्रवाई, रिस्पॉन्स टाइम और सामने आए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
एनटीपीसी कांटी के हेड ऑफ प्रोजेक्ट पंकज कुमार गुप्ता ने कहा कि ऐसी मॉक ड्रिल आपात परिस्थितियों में तैयारियों को परखने और विभिन्न एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी टीमों के समन्वित प्रयासों की सराहना की।
मौके पर उप मुख्य निरीक्षक कारखाना, मुजफ्फरपुर अनिल कुमार तथा एनडीआरएफ, पटना के एसआई दीपक कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बाहरी पर्यवेक्षकों और विभिन्न टीमों ने मॉक ड्रिल के बाद अपने सुझाव एवं महत्वपूर्ण अवलोकन साझा किए। अधिकारियों के अनुसार बचाव और चिकित्सा दल का रिस्पॉन्स टाइम संतोषजनक रहा तथा संयुक्त प्रयासों से निर्धारित आपदा परिदृश्य को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया गया।












