-ग्राम संसद से गांवों के विकास की नई दिशा तय हो : मुख्यमंत्री
पटना, 21 सितंबर(दीपक/शालिनी)। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2037 तक बिहार को समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। गांव की समृद्धि ही देश की समृद्धि है। ग्राम संसद के माध्यम से गांवों के विकास के लिए ठोस सुझाव सामने आने चाहिए, ताकि पंचायत प्रतिनिधियों को नीतियों और योजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल किया जा सके।
मुख्यमंत्री सोमवार को पटना के ताज सिटी सेंटर में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-V’ मुखिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पंचायत लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली, कचरा प्रबंधन सहित बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। पंचायत स्तर पर राजस्व के नए स्रोत विकसित करने के लिए भी सुझाव मांगे गए हैं। सरकार आम लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने के पक्ष में नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगला पंचायत चुनाव परिसीमन के बाद ही कराया जाएगा। अगले वर्ष नगर निकायों के परिसीमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। लगभग 7,500 की आबादी पर एक पंचायत बनाने की दिशा में काम होगा। पंचायतों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहायता के लिए पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत प्रत्येक पंचायत में 10 विकास योजनाओं पर काम किया जा रहा है। वहीं जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित हो रहे हैं। प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को ग्राम सभा आयोजित करने की व्यवस्था भी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और रोजगार को लेकर कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के संस्थानों का विस्तार किया जा रहा है। नए निजी एवं सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से पहले एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर कृषि बिजली दी जा रही है और सभी कृषि फीडरों को सोलराइज करने की दिशा में काम चल रहा है। प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। बिहार में निर्मित उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी खरीद में स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी। छड़, सीमेंट सहित बिहार में निर्मित उत्पादों की कम से कम 30 प्रतिशत खरीद सरकारी योजनाओं में सुनिश्चित करने की व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया में शामिल की जाएगी।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सह विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, विधान पार्षद एवं ग्राम संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय मयूख, उपाध्यक्ष दीपक ठाकुर, नेशनल ब्रांड एम्बेसडर किरण प्रभाकर सहित बड़ी संख्या में मुखिया, सरपंच और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।











