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बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री

-बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री

पटना, 19 सितंबर(दीपक कुमार तिवारी)। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को तारामंडल में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ‘नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ पोर्टल का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली के तहत 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने इनोवेशन प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न स्टॉलों पर युवा उद्यमियों के उत्पादों एवं स्टार्टअप इनोवेशन की जानकारी ली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘Seva First Innovation Challenge (East Zone)’ जैसे प्रयासों से युवाओं में सेवा भावना, नवाचार और नई सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य की युवा शक्ति और बड़ी आबादी को चुनौती के बजाय विकास की ताकत बनाकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्पना और नवाचार के प्रति उनकी दृष्टि सभी को प्रेरित करती है। सरकार इन्हीं उद्देश्यों के साथ आगे बढ़ रही है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सेवा के साथ तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के माध्यम से आम लोगों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित करीब नौ लाख परिवारों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। राशि सीधे लाभुकों के बैंक खातों में भेजी गई है। उन्होंने कहा कि यूपीआई ने डिजिटल लेन-देन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है और इसका इस्तेमाल भारत में बड़े स्तर पर हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में औद्योगिक माहौल तैयार हो चुका है। अब तक करीब एक हजार उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। अगले पांच वर्षों में बिहार की धरती पर 10 हजार उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि बिहार से करीब 12 लाख लोग मजदूरी के लिए बाहर जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि रोजगार के अवसर राज्य में ही उपलब्ध हों और लोगों को मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। इसके लिए उद्योगों और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने युवा उद्यमियों से नए स्टार्टअप के माध्यम से बिहार की विकास यात्रा में योगदान देने की अपील की और कहा कि सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग देगी। ‘Bihar Tech Portal for Innovation in IT Sector’ के माध्यम से आईटी क्षेत्र में भी नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल स्थापित किए गए हैं। ‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के माध्यम से लाइव क्लास और नीट-जैट की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। युवाओं और विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे ऑनलाइन ट्यूटर और मेंटरशिप की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि रात एक बजे भी करीब 1.42 लाख बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं और उस समय शिक्षक भी ऑनलाइन उपलब्ध रहते हैं। इसके लिए 75 हजार शिक्षक इनरॉल्ड किए गए हैं, जो विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में 2500 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हुई है। इनमें कई ऐसे लोग हैं, जो देश के दूसरे हिस्सों में अध्यापन कर रहे थे। अब वे बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को शिक्षित करेंगे।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। समृद्ध बिहार के निर्माण में महिलाओं की बड़ी भूमिका होगी। सरकार ने एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और उद्यमशीलता को एक साथ जोड़कर बिहार को तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। लक्ष्य ऐसा बिहार बनाना है, जहां सेवा के साथ नवाचार, रोजगार और उद्योग के नए अवसर लगातार उपलब्ध हों।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, सांसद डॉ. संजय जायसवाल, विधायक सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज की प्रदेश संयोजक डॉ. अमृता भूषण राठौर समेत अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति और युवा उद्यमी मौजूद रहे।