-पीएमएफएमई और पीएम सूर्य घर योजना में ऋण वितरण तेज करने का निर्देश
मुजफ्फरपुर। जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DLCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक जिला पदाधिकारी कुमार गौरव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में हुई। बैठक में बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो, वार्षिक क्रेडिट प्लान, उद्योग विभाग की योजनाओं और ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई।
उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा ने बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए कम सीडी रेशियो वाले बैंकों को इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया। समीक्षा में यूको बैंक का सीडी रेशियो 36 प्रतिशत और पंजाब नेशनल बैंक का 42 प्रतिशत पाया गया, जिसे असंतोषजनक बताया गया। उन्होंने अग्रणी बैंक प्रबंधक को संबंधित जोनल एवं डिविजनल अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने और सीडी रेशियो में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
बैठक में वार्षिक क्रेडिट प्लान की भी समीक्षा हुई। जिन बैंकों का प्रदर्शन 60 प्रतिशत से कम पाया गया, उनके संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 661 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 61 ऋण स्वीकृत किए गए हैं। उप विकास आयुक्त ने बैंक अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन करते हुए लक्ष्य के अनुरूप ऋण स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित करने को कहा।

पीएम सूर्य घर योजना के तहत भी ऋण के प्रवाह में तेजी लाने का निर्देश सभी बैंकों को दिया गया। डीडीएम नाबार्ड ने कृषि मीयादी ऋण में वृद्धि पर जोर दिया, जबकि आरबीआई के एलडीओ ने वित्तीय साक्षरता कैंप के माध्यम से आम लोगों को बैंकिंग एवं वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरूक करने की बात कही।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की रोजगारोन्मुखी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन और बैंकिंग संस्थानों की साझा जिम्मेदारी है। जिले के आर्थिक विकास, उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए बैंकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से बेहतर समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का आह्वान किया।
बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, आरबीआई के एलडीओ, डीडीएम नाबार्ड, विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय एवं शाखा स्तरीय अधिकारी समेत संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।












