-BSAP के ADG नैयर हसनैन खान पहुंचे मुजफ्फरपुर, समीक्षा बैठक में दिए कई दिशा-निर्देश
मुजफ्फरपुर। बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) नैयर हसनैन खान सोमवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे। मालीघाट स्थित BMP-06 (BSAP-6) परिसर में उन्होंने डीआईजी और कमांडेंट के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में वाहिनी की कार्ययोजना, अब तक की गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
मीडिया से बातचीत में ADG नैयर हसनैन खान ने बताया कि उनका मुजफ्फरपुर दौरा मुख्य रूप से औपचारिक समीक्षा के उद्देश्य से था। लंबे समय बाद मुजफ्फरपुर पहुंचने पर उन्होंने BSAP-6 की कार्ययोजना और अब तक की गतिविधियों की जानकारी ली। समीक्षा के बाद उन्होंने वाहिनी परिसर का स्थल निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं के साथ चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जायजा लिया। इस दौरान बेसिक कोर्स कर रहे जवानों और महिला कर्मियों के साथ सभा कर उन्होंने बातचीत की तथा जवानों से उनके सुझाव और समस्याओं की जानकारी ली।

ADG ने कहा कि BSAP-6 को बेहतर बेसिक प्रशिक्षण इकाई के रूप में विकसित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ जवानों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि BSAP की क्षमता बढ़ाने के लिए दो नई बटालियन के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास विचाराधीन है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर जल्द निर्णय होने की उम्मीद है। इसके साथ ही BSAP जवानों की क्षमता बढ़ाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तर्ज पर प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य जवानों को आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों से निपटने के लिए अधिक सक्षम बनाना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बिहार को आंतरिक सुरक्षा के मामलों में बाहरी बलों पर कम निर्भर रहना पड़े।
ADG ने बताया कि करीब 40 महिला जवानों को NSG में कमांडो कोर्स के लिए भेजा गया है। वहां उन्हें विशेष कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन महिला जवानों को बिहार पुलिस की एक मजबूत महिला कमांडो विंग के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि BSAP की प्रशिक्षण क्षमता, आधारभूत संरचना और जवानों की दक्षता बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है।












