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विशुनपुर बघनगरी में एक माह से नल-जल योजना ठप

-विशुनपुर बघनगरी में एक माह से नल-जल योजना ठप

-500 परिवार परेशान

-ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर। घरों के नलों से पानी आने का इंतजार करते-करते ग्रामीणों को एक माह गुजर गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। पानी की टंकी मौजूद है और पाइपलाइन भी बिछी हुई है, बावजूद इसके करीब 500 परिवारों को नल-जल योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। मुख्य पाइपलाइन फटने के कारण विशुनपुर बघनगरी पंचायत में पीएचईडी की नल-जल योजना करीब एक माह से ठप है।

पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण पानी की टंकी परिसर पहुंचे और विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की।

ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद से घरों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। पंचायत में डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाली पानी की टंकी होने के बावजूद इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्रामीणों को पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू कार्यों के लिए भी पानी की वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।

ग्रामीण सोनू कुमार ने बताया कि करीब 10 दिन पहले पीएचईडी के जेई और सहयोग पोर्टल पर पाइपलाइन की समस्या को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बावजूद अब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं हो सकी है। आनंद कुमार, विशाल कुमार, शिवम कुमार, पुतुल देवी, नीता देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से जलापूर्ति बंद रहने के कारण लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।

पुतुल देवी और नीता देवी ने बताया कि नल से पानी नहीं आने के कारण घर के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। लोगों को पानी के लिए दूसरी जगहों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। रोजमर्रा की जरूरतों के बीच करीब एक माह से नल-जल योजना बंद रहने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

मुखिया बबिता कुमारी ने बताया कि पाइपलाइन की मरम्मत के लिए जेई से लेकर कार्यपालक पदाधिकारी तक से कई बार बात की गई है। शिकायत के बाद पीएचईडी के एसडीओ ने स्थल का निरीक्षण भी किया, लेकिन अब तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। उन्होंने जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत कर नल-जल योजना शुरू कराने की मांग की है।

इस संबंध में पीएचईडी के जेई राहुल कुमार ने बताया कि संबंधित संवेदक के एग्रीमेंट की अवधि समाप्त हो चुकी है। नए एग्रीमेंट के लिए टेंडर की प्रक्रिया होने वाली है। विभागीय स्तर से पाइपलाइन की मरम्मत के लिए पत्र भेजा गया है। आदेश मिलते ही पाइपलाइन की मरम्मत कराकर जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी।