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एके-47 बरामदगी मामले में भैरव त्रिपाठी की संपत्ति जब्ती की तैयारी

-एके-47 बरामदगी मामले में भैरव त्रिपाठी की संपत्ति जब्ती की तैयारी

-अंचल और निबंधन कार्यालय से जुटाया जा रहा ब्योरा

मुजफ्फरपुर। एके-47 राइफल बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हत्थे चढ़े शातिर अपराधी भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर की संपत्ति जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए विशेष टीम उसकी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा जुटाने में लगी है। टीम ने अंचल और निबंधन कार्यालय से संपर्क कर संपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भैरव त्रिपाठी ने अपराध के जरिए जो संपत्ति अर्जित की है, उसका आकलन किया जा रहा है। संपत्तियों की जांच और पूरी रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। मामले की शुरुआती रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भी भेजे जाने की बात सामने आई है।
हथियार तस्करी से जुड़े भैरव के सहयोगियों पर भी जांच एजेंसियों का शिकंजा कस रहा है। विशेष टीम उसके साथ जुड़े अन्य लोगों की गतिविधियों और उनकी संपत्तियों की भी जांच कर रही है। कुछ समय पहले भैरव त्रिपाठी को ब्रह्मपुरा इलाके से गिरफ्तार किया गया था। एनआईए के अनुसार, उस पर नगालैंड से प्रतिबंधित हथियार बिहार लाने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।


पूरा मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया जा रहा है। 7 मई 2024 को फकुली थाना पुलिस ने मुर्गटिया पुल के पास से एक एके-47 राइफल, लेंस और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। उस समय मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ली और हथियार तस्करी से जुड़े नेटवर्क की परतें खुलती गईं।
जांच के दौरान एनआईए की ओर से अब तक तीन पूरक आरोपपत्र दाखिल किए जाने की जानकारी है। पहली चार्जशीट विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ दाखिल की गई। इसके बाद मंजूर खान और फिर कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।
एनआईए और एसटीएफ की संयुक्त टीम सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, भैरव त्रिपाठी के खिलाफ एनआईए दिल्ली और बिहार के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट से जुड़े करीब आठ मामले दर्ज हैं। पूछताछ में उसके द्वारा शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अपराधियों को अवैध हथियार उपलब्ध कराने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल जांच एजेंसियां भैरव की संपत्तियों के साथ-साथ उसके सहयोगियों के आर्थिक नेटवर्क और हथियार तस्करी से जुड़े पूरे सिंडिकेट की पड़ताल में जुटी हैं।