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स्वाद का नया ब्रांड बना सीवान का मलमलिया, आम और पशु मेले के बाद अब दानेदार पेड़े की देश भर में धूम

-स्वाद का नया ब्रांड बना सीवान का मलमलिया, आम और पशु मेले के बाद अब दानेदार पेड़े की देश भर में धूम

सीवान जिले का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र मलमलिया इन दिनों अपने अनूठे स्वाद और लजीज पेड़े के कारण सुर्खियों में है। सीवान-शीतलपुर स्टेट हाईवे 73 पर स्थित इस व्यस्त चौराहे से गुजरने वाला शायद ही कोई मुसाफिर हो, जो बिना पेड़े का स्वाद चखे आगे बढ़ सके। कभी मवेशी मेले और चंपारण से आने वाले आम की थोक मंडी के तौर पर पहचाना जाने वाला यह बाजार अब दानेदार पेड़े की पहचान से पूरे प्रदेश में नाम कमा रहा है।
यहाँ के पेड़े की सबसे बड़ी खासियत इसका सोंधापन, हल्का खट्टा स्वाद और खास दानेदार बनावट है। स्थानीय कारीगरों ने अपनी पारंपरिक विधि से इसे ऐसा रूप दिया है कि इसकी मिठास लोगों की जुबान पर चढ़ चुकी है। पहले जहाँ स्थानीय दुकानदार सीमित मात्रा में ही पेड़ा तैयार करते थे, वहीं अब देश भर में बढ़ती मांग के चलते बाजार में दर्जन भर से ज्यादा दुकानें खुल चुकी हैं। इतना ही नहीं, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन कंपनियों ने भी मलमलिया के पेड़े की ब्रांडिंग और डिलीवरी में खासी रुचि दिखाई है।


मलमलिया का विस्तार अब बसंतपुर बाजार तक हो चुका है। भौगोलिक रूप से यह एक ऐसा समृद्ध चौराहा है जो सीवान, छपरा, गोपालगंज और राजधानी पटना को आपस में जोड़ता है। यहाँ से एक सड़क बनियापुर होकर छपरा, दूसरी मदारपुर-हरदिया होकर मोहम्मदपुर, तीसरी मशरख-तरैया होकर शीतलपुर और चौथी सीवान शहर तक जाती है।
गर्मियों के सीजन में आज भी यहाँ चंपारण से आने वाले आमों की बड़ी थोक मंडी सजती है और दूर-दराज से व्यापारी खरीदारी करने पहुँचते हैं। बावजूद इसके, मौजूदा समय में मलमलिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय पहचान यहाँ का लाजवाब दानेदार पेड़ा ही बन चुका है।