-पूर्वी चंपारण को 350 करोड़ की सौगात, लगेगा मदर डेयरी का दूसरा प्लांट
मोतिहारी, राजन द्विवेदी।
पूर्वी चंपारण के किसानों के लिए बड़ी खबर है। जिले में 350 करोड़ रुपये की लागत से मदर डेयरी का दूसरा प्लांट लगेगा। इसके साथ ही पिपराकोठी में फिश प्रोसेसिंग प्लांट, एक्वाकल्चर पार्क और हनी प्रोसेसिंग प्लांट की भी योजना है।
महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य उद्यमी उन्नति मेला के तीसरे दिन सांसद राधा मोहन सिंह ने इन परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे दूध, मछली और शहद को उद्योग से जोड़ा जाएगा और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के चेयरमैन मीनेश साह ने बताया कि अगले पांच साल में बिहार के 6500 गांवों में दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी। अभी 6000 गांवों में समितियां काम कर रही हैं। इन्हें ऑटोमेटिक मिल्क कलेक्शन और बल्क कूलर जैसी सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
केंद्र की 25 करोड़ की नस्ल सुधार योजना के तहत 2700 गांवों में 100 तकनीशियन काम कर रहे हैं और 25 हजार किसान जुड़ चुके हैं। लक्ष्य 30 हजार उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराने का है।
सांसद ने कहा कि पिपराकोठी में फिश प्लांट से मछली के प्रसंस्करण और पैकेजिंग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं हनी प्लांट से मधुमक्खी पालकों को बाजार मिलेगा। कार्यक्रम में विधायक और जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।












