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कल्याणकारी योजनाओं के समन्वय से बिहार के विकास पर मंथन, 40 से अधिक विभागों के साथ CSEP टीम ने की बैठक

-कल्याणकारी योजनाओं के समन्वय से बिहार के विकास पर मंथन, 40 से अधिक विभागों के साथ CSEP टीम ने की बैठक

मुजफ्फरपुर। बिहार में सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय के जरिए सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त समाज के निर्माण को लेकर मुजफ्फरपुर में मंथन किया गया। सेंटर फॉर सोशल एंड इकोनॉमिक पॉलिसी (CSEP) की तीन सदस्यीय टीम ने जिले के 40 से अधिक विभागों के प्रतिनिधियों के साथ जिला सभागार में बैठक कर योजनाओं के जमीनी प्रभाव और आपसी समन्वय पर चर्चा की।
बैठक का नेतृत्व CSEP की मधु खेतान ने किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के माध्यम से सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और उनके परिणामों का आकलन करने पर चर्चा की। बैठक में डीआरडीए निदेशक अभिजीत चौधरी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी, मनरेगा डीपीओ, जिला नजारत पदाधिकारी, एडीएम, ओएसडी सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का संचालन जीविका की डीपीएम अनीशा ने किया।
बैठक में विशेष रूप से इस बात पर चर्चा हुई कि सरकार की विभिन्न योजनाओं में जीविका की भूमिका लगातार क्यों बढ़ रही है और किस तरह जीविका दीदियों को प्राथमिकता के साथ योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। सदर अस्पताल में संचालित दीदी की रसोई, अनुसूचित जाति विद्यालयों में दीदी की रसोई, साफ-सफाई, मनरेगा और स्वच्छ बिहार अभियान समेत विभिन्न कार्यक्रमों में जीविका दीदियों की भूमिका पर विभागीय प्रतिनिधियों ने अपना पक्ष रखा।


इससे पहले CSEP टीम के सदस्यों ने जीविका जिला कार्यालय में विषयगत प्रबंधकों के साथ बैठक की। इस दौरान जीविका की प्रगति, विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय और कार्यक्रमों के प्रभाव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद टीम के सदस्यों ने मुशहरी स्थित संगम संकुल स्तरीय संघ में करीब 50 जीविका दीदियों से संवाद किया और यह जानने का प्रयास किया कि जीविका तथा सरकार की योजनाओं से उनके जीवन में किस तरह के बदलाव आए हैं।
इस दौरान आगा खान फाउंडेशन से जुड़ी जीविका दीदियों ने बकरी पालन से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि योजनाओं और समूहों से जुड़ने के बाद किस तरह उन्हें स्वरोजगार और आय बढ़ाने के अवसर मिले।
CSEP टीम का नेतृत्व कर रहीं मधु खेतान ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी हुई हैं, इसे समझने के लिए मंथन किया जा रहा है। इस अध्ययन के आधार पर भविष्य की योजनाओं और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में संचार प्रबंधक राजीव रंजन, अभिषेक कुमार, मशरूर अहमद, बीपीएम गोपाल कुमार झा, आगा खान फाउंडेशन से खुशबू कुमारी, नवनीत कुमार, प्रसून कुमार, डॉ. सरोज, रितेश कुमार, नूरी जमाल, रितिका जेना, शोभा साव, सोमनाथ कुमार सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां और जीविकाकर्मी मौजूद रहे।