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तत्कालीन सीओ और राजस्व कर्मचारी से मांगा स्पष्टीकरण

-तत्कालीन सीओ और राजस्व कर्मचारी से मांगा स्पष्टीकरण

-पहले अस्वीकृत दाखिल-खारिज वाद फिर हुआ स्वीकृत

मुजफ्फरपुर। बोचहां अंचल में पहले से अस्वीकृत दाखिल-खारिज वाद को नियमों की अनदेखी कर दोबारा स्वीकृत किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में तत्कालीन अंचलाधिकारी राजा कुमार और राजस्व कर्मचारी संजीव कुमार की भूमिका पर सवाल उठे हैं। जिलाधिकारी कुमार गौरव ने दोनों से स्पष्टीकरण मांगा है।
बताया गया कि बोचहां में आयोजित आम जनता से साक्षात्कार कार्यक्रम के दौरान दिनकर शाही ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर इस मामले की शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी ने डीसीएलआर पूर्वी से जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाई गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित दाखिल-खारिज वाद को पहले अस्वीकृत किया जा चुका था। इसके बावजूद डीसीएलआर पूर्वी के न्यायिक आदेश के बिना ही उसी अभिलेख के आधार पर तीन दाखिल-खारिज वादों को दोबारा स्वीकृत कर दिया गया। जांच में इसे अपीलवाद से संबंधित मामला बताया गया है।


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विभागीय पोर्टल पर दाखिल-खारिज के स्वीकृत और अस्वीकृत वादों की जानकारी उपलब्ध रहती है। ऐसे में संबंधित वादों को चिह्नित किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जांच अधिकारी ने इस कार्रवाई को बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम के प्रावधानों के प्रतिकूल माना है।
मामले में जिलाधिकारी ने तत्कालीन सीओ राजा कुमार और राजस्व कर्मचारी संजीव कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों का तबादला दूसरे जिले में हो चुका है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि दोनों को आरोप स्वीकार हैं। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए विभाग को रिपोर्ट भेजी जाएगी।