-कांटी में ‘हसीना गैंग’ के आतंक से दहशत, किन्नर को आगे कर राहगीरों को रोकने का आरोप; पुलिस ने दो संदिग्धों से की पूछताछ
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर-मोतिहारी मुख्य मार्ग पर कांटी थाना क्षेत्र में कथित ‘हसीना गैंग’ की सक्रियता को लेकर राहगीरों और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। चांदनी चौक से दामोदरपुर हाउसिंग बोर्ड तक के इलाके में देर रात वाहन चालकों को रोककर लूटपाट किए जाने की शिकायतें सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। लगातार सामने आ रही घटनाओं से स्थानीय लोगों में भी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कथित गिरोह देर रात राहगीरों को निशाना बनाने के लिए शातिर तरीके का इस्तेमाल करता है। आरोप के अनुसार, सड़क पर एक किन्नर को आगे कर कार और बाइक सवारों को रुकने का इशारा कराया जाता है। जैसे ही कोई वाहन चालक रुकता है, आसपास झाड़ियों और अंधेरे में छिपे गिरोह के अन्य सदस्य उसे घेर लेते हैं। इसके बाद मारपीट और हथियार का भय दिखाकर नकदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान लूट लिया जाता है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं।
लगातार हो रही कथित लूटपाट की घटनाओं से परेशान स्थानीय निवासियों ने पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि रात के समय इस मार्ग पर पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं होने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने कांटी थाना पुलिस को लिखित आवेदन देकर रात्रि गश्त बढ़ाने और कथित गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है। डीएसपी वेस्ट वन सुचित्रा कुमारी ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड के समीप रहने वाले लोगों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसमें कथित ‘हसीना गैंग’ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आवेदन के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है और एक विशेष टीम द्वारा इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस ने संदेह के आधार पर दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। हालांकि, प्राथमिक जांच में दोनों की गिरोह के साथ प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने नहीं आने के बाद उन्हें पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और स्थानीय स्तर से मिल रही सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुटी है।
डीएसपी सुचित्रा कुमारी के अनुसार, मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस कथित गिरोह के सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी और निगरानी कर रही है।












