-3 किलोमीटर कच्चे रास्ते ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें, एम्बुलेंस भी नहीं पहुंच पाती; कई शिकायतों के बाद भी सड़क नहीं बनी
चकरनगर (इटावा)। विकास खंड चकरनगर की ग्राम पंचायत चौरेला के गांव तेलियनखोड़न में करीब तीन किलोमीटर लंबे कच्चे रास्ते के कारण ग्रामीणों का जीवन कठिन हो गया है। सड़क न होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवागमन जैसी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में कच्चा रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों का विद्यालय पहुंचना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एम्बुलेंस करीब तीन किलोमीटर पहले ही रुक जाती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को चारपाई या कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे समय पर उपचार मिलना कठिन हो जाता है।
इसके अलावा रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाजार, मंडी और अन्य स्थानों तक पहुंचने में भी ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में यह रास्ता और अधिक दुर्गम हो जाता है।
गांव के मूलचंद्र राठौर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तेलियनखोड़न गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले इस कच्चे मार्ग का शीघ्र पक्की सड़क के रूप में निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि सड़क बनने से गांव के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की अपील की है, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।













