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मुजफ्फरपुर के किसानों के लिए खुशखबरी, पान विकास योजना में जिला शामिल

-मुजफ्फरपुर के किसानों के लिए खुशखबरी, पान विकास योजना में जिला शामिल

-11,750 रुपये तक मिलेगा अनुदान

मुजफ्फरपुर। जिले के किसानों के लिए कृषि क्षेत्र से बड़ी राहत भरी खबर आई है। बिहार सरकार की पान विकास योजना में अब मुजफ्फरपुर जिले को भी आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। इस योजना के तहत जिले में क्लस्टर आधारित पान की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और पान उत्पादन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
उद्यान विभाग ने योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों का चयन पूरी तरह पारदर्शी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। जिले के सभी 16 प्रखंडों से पात्र किसानों का चयन किया जाएगा, जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के अलावा औरंगाबाद, गया, शेखपुरा, वैशाली, नालंदा, नवादा, सारण, भागलपुर, समस्तीपुर, मुंगेर और दरभंगा जिलों में भी यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत मगही और देसी पान की खेती करने वाले व्यक्तिगत किसानों के साथ-साथ किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़े किसानों को भी अनुदान का लाभ मिलेगा।


योजना के तहत 100 वर्गमीटर क्षेत्र में पान की खेती के लिए प्रति इकाई 11,750 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इस अनुदान का मुख्य उद्देश्य पान की खेती के लिए बरेजा यानी विशेष संरक्षित ढांचे का निर्माण कराना है, जिससे फसल सुरक्षित रहे और उत्पादन बेहतर हो सके।
उद्यान विभाग ने पूरे बिहार में इस योजना के तहत 30 हजार इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर, कटरा, मीनापुर और कांटी प्रखंडों में पहले से ही परंपरागत रूप से पान की खेती होती रही है। अब इस योजना के विस्तार से अन्य प्रखंडों के किसानों को भी पान उत्पादन से जोड़ने और आधुनिक तकनीक के साथ खेती करने का अवसर मिलेगा।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि क्लस्टर आधारित खेती और सरकारी अनुदान मिलने से जिले में पान उत्पादन को नई पहचान मिलेगी। साथ ही किसानों की लागत कम होगी, उत्पादन बढ़ेगा और उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।