Advertisement

बहेड़ी थाना में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चिंटू सिंह का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी, कार्रवाई की मांग तेज

-बहेड़ी थाना में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चिंटू सिंह का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी, कार्रवाई की मांग तेज

दरभंगा। बहेड़ी थाना में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र नाथ सिंह उर्फ ‘चिंटू सिंह’ का आमरण अनशन रविवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, लहेरियासराय के समक्ष पिछले 144 घंटों से चल रहे इस अनशन के माध्यम से उन्होंने बहेड़ी थाना में व्याप्त भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शुक्रवार को ग्रामीण पुलिस अधीक्षक साक्षी कुमारी के निर्देश पर अधिकारियों ने अनशनकारी से वार्ता की। हालांकि लंबी बातचीत के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। बहादुरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य जांच की, लेकिन अनशनकारी का आरोप है कि उन्हें पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं।
चिंटू सिंह ने शपथ पत्र के साथ बहेड़ी थानाध्यक्ष सूरज गुप्ता और अवर निरीक्षक रौशन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि थाना में गरीब, दलित और वंचित वर्ग के लोगों की प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती तथा अवैध वसूली को बढ़ावा देकर अपराधियों को संरक्षण दिया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होने तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे अपने आंदोलन को अंतिम सीमा तक ले जाने के लिए भी तैयार हैं।
अनशनकारियों की प्रमुख मांगों में बहेड़ी थानाध्यक्ष का तत्काल निलंबन, वरीय पुलिस अधीक्षक की निगरानी एवं पत्रकारों की मौजूदगी में स्वतंत्र जांच समिति का गठन, थाना के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुक पंजी और मालखाना पंजी की फॉरेंसिक जांच तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई शामिल है।


मिथिला विकास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बहेड़ी थाना को कथित वसूली केंद्र में बदलने की प्रवृत्ति अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं समाजसेवी कालीचरण यादव ने कहा कि यह संघर्ष अब केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि मिथिला की अस्मिता और स्वाभिमान का सवाल बन चुका है और अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
धरना स्थल पर सुनील राम, संतोष लाल देव, कुमुद राम, लक्ष्मण साहू, कृष्ण कुमार, विजय महतो, नवीन कुमार सहित बड़ी संख्या में पीड़ित मौजूद रहे। वहीं विकाश फूल, मुकेश कुशवाहा, रंजीत कुमार यादव, विवेक कुमार, उमेश यादव, प्रवीण कुमार सिंह, भावेश कुमार और मनीष कुमार सहित सैकड़ों समर्थकों ने आंदोलन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।