-परीक्षा बाधित करने, वरिष्ठ रेजिडेंट को टारगेट करने और कार्रवाई की मांग से मचा हड़कंप
पटना। पीएमसीएच के सर्जरी विभाग में एमबीबीएस परीक्षा के दौरान कथित हंगामे का मामला सामने आया है। सर्जरी विभागाध्यक्ष ने इस मामले को गंभीर मानते हुए प्राचार्य को पत्र लिखकर सहायक प्राध्यापक डॉ. मो0 सरफराज आलम के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए बकायदा 30 जून को पत्र जारी किया गया है। 29 जून को 10:15 बजे प्रोफेशनल एमबीबीएस पार्ट-2 की सर्जरी परीक्षा शुरू होने के दौरान डॉ. सरफराज आलम ने परीक्षा स्थल पर पहुंचकर हंगामा किया। विभागाध्यक्ष का आरोप है कि डॉ. आलम स्वयं भी इंटरनल एग्जामिनर थे, लेकिन उन्होंने अनुशासन का पालन नहीं किया और परीक्षा कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया।

पत्र में कहा गया है कि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए एक चिकित्सक को परीक्षा कक्ष से बाहर भेजना पड़ा। इसके बाद डॉ. कृतिका झा, जो उस समय वरिष्ठ रेजिडेंट के रूप में परीक्षा संचालन में सहयोग कर रही थीं, को भी डॉ. आलम द्वारा कथित रूप से टारगेट किया गया। स्थिति बिगड़ने पर उन्होंने दूसरे लोगों की अनुमति लेकर वहां से हटना उचित समझा।
विभागाध्यक्ष ने यह भी कहा है कि घटना की जानकारी उन्होंने उसी दिन व्हाट्सएप के माध्यम से प्राचार्य को दे दी थी। अब औपचारिक पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। पत्र की प्रति पीएमसीएच अधीक्षक को भी सूचनार्थ भेजी गई है।
पत्र में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला न केवल पीएमसीएच के अनुशासन बल्कि मेडिकल शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। हालांकि, डॉ. मो. सरफराज आलम का पक्ष अभी सामने नहीं आया है।












