-सामाजिक समरसता से ही मजबूत होगा हिन्दू समाज : देवव्रत
मुजफ्फरपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महानगर इकाई के तत्वावधान में रविवार को आमगोला स्थित जलसा विवाह भवन में सामाजिक समरसता विचार गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्र संयोजक देवव्रत प्रसाद ने कहा कि सामाजिक समरसता और आपसी सद्भाव ही हिन्दू समाज की एकजुटता का आधार है। समाज जितना संगठित और समरस होगा, वह उतना ही सबल और मजबूत बनेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में देवव्रत प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज का ही अंग है और समाज को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रारंभिक दौर में जाति व्यवस्था कर्म आधारित थी, जिससे देश की आर्थिक व्यवस्था सुदृढ़ बनी रही। बाद में यह व्यवस्था जन्म आधारित स्वरूप में परिवर्तित हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अंग्रेजों ने भारतीय समाज की एकता को कमजोर करने के लिए जातीय संरचना को प्रभावित करने का प्रयास किया था।

उन्होंने कहा कि देश और समाज की मजबूती के लिए सामाजिक समरसता को व्यवहार में उतारना होगा। सभी वर्गों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें, तभी वास्तविक सामाजिक एकता स्थापित हो सकेगी।
संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जाति एवं समुदायों के प्रतिनिधियों से उनके समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी ली गई। प्रतिभागियों ने सामूहिक विवाह, शिक्षा के प्रति जागरूकता, खेलकूद गतिविधियों के संचालन तथा सामाजिक सहयोग जैसे प्रयासों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के महानगर सह संघचालक भानू शंकर श्रीवास्तव ने की, जबकि मंच संचालन महानगर प्रचार प्रमुख अजय कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रविशंकर सिंह विसेन, विभाग संघचालक चंद्रमोहन खन्ना, दीपक पोद्दार, कार्यक्रम संयोजक परिमल, वनवासी कल्याण आश्रम के सचिव राकेश सम्राट, पंकज प्रकाश, अधिवक्ता आशीष त्रिवेदी, संजीव सिंह, वेद प्रकाश सहित शहर के सैकड़ों प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् से हुई तथा समापन जन गण मन के सामूहिक गायन के साथ किया गया।
















