-जनकपुरधाम में योगी अंकित नाथ महाराज का 11 दिवसीय अग्नि हठ योग संपन्न, विशाल भंडारा
जनकपुरधाम।मिश्रीलाल मधुकर। प्राचीन काल से ऋषि-मुनियों की तपोभूमि रहे जनकपुरधाम में 11 दिवसीय अग्नि हठ योग साधना मंगलवार को विधिवत संपन्न हो गई। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले स्थित पानीपत आश्रम के अघोर परंपरा के संत योगी अंकित नाथ महाराज ने जनकपुरधाम के बारहबीघा क्षेत्र में यह कठिन साधना की।
बताया गया कि महाराज ने ग्यारह दिनों तक पांच गोरहा (कंडों) की धधकती अग्नि के बीच प्रतिदिन घंटों तक हठ योग साधना की। भीषण गर्मी और प्रचंड धूप के बीच अग्नि के मध्य बैठकर की गई यह तपस्या श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और आस्था का केंद्र बनी रही। साधना को देखने के लिए जनकपुरधाम ही नहीं, बल्कि नेपाल के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

योगी अंकित नाथ महाराज ने कहा कि जनकपुरधाम सनातन संस्कृति और तप की पवित्र भूमि है। माता सीता की जन्मस्थली में हठ योग साधना करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य और गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि साधना का उद्देश्य मानव कल्याण, विश्व शांति और सनातन धर्म के मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना है।
11 दिवसीय अग्नि हठ योग साधना के समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं आयोजन समिति की ओर से बुधवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मिश्री लाल मधुकर ने बताया कि पूरे आयोजन के दौरान जनकपुरधाम में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।














