Advertisement

जनकपुरधाम के बिना धार्मिक यात्रा अधूरी, सीता भूमि के दर्शन से ही यात्रा सफल : पुरुषोत्तम दास जी महाराज

-जनकपुरधाम के बिना धार्मिक यात्रा अधूरी, सीता भूमि के दर्शन से ही यात्रा सफल : पुरुषोत्तम दास जी महाराज

जनकपुरधाम। मधुकर। जगत जननी माता सीता की पावन भूमि जनकपुरधाम के दर्शन के बिना धार्मिक यात्रा अधूरी मानी जाती है। जनकपुरधाम का आध्यात्मिक महत्व इतना व्यापक है कि यहां आए बिना धार्मिक यात्रा पूर्ण और सफल नहीं हो सकती। यह बातें अंतरराष्ट्रीय सुंदर काण्ड पाठ के संयोजक महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम दास जी महाराज (गुजरात वाले) ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं।
गुरुवार को जनकपुरधाम वार्ड-23 के वार्ड अध्यक्ष राघवेंद्र साह के नेतृत्व में निर्माणाधीन रवीन्द्र मेमोरियल हॉस्पिटल परिसर में पुरुषोत्तम दास जी महाराज एवं उनके साथ पहुंचे धार्मिक यात्रा दल का भव्य स्वागत किया गया।


महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और जगत जननी माता सीता एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों का जीवन और आदर्श मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि जनकपुरधाम की पावन भूमि का हर कण सीताराम की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है। यहां के मठ, मंदिर और सरोवरों का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व विशेष है।
बताया गया कि नेपाल-भारत जन मैत्री सहयोग तथा संगठन के संयोजक एवं समाजसेवी निर्मल दुग्गड़ के विशेष प्रयास से इस धार्मिक यात्रा का आयोजन किया गया है। गुजरात से शुरू हुई यह यात्रा अयोध्या, पुनौराधाम और जलेश्वर होते हुए गुरुवार को जनकपुरधाम पहुंची।
धार्मिक यात्रा में बड़ी संख्या में साधु-संत शामिल हैं। स्वागत कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक अभियंता योगेंद्र लाल कर्ण, श्री चंद्र साह, अमित साह, मुन्नी साह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।