Advertisement

राजापाकर में अकीदत के साथ अदा की गई ईद की नमाज, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबाद

–राजापाकर में अकीदत के साथ अदा की गई ईद की नमाज, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबाद

राजापाकर। संजय श्रीवास्तव। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में स्थित मस्जिदों में ईद-उल-फितर के मौके पर अकीदत और श्रद्धा के साथ नमाज अदा की गई। नमाज के बाद इस्लाम धर्मावलंबियों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
मौलाना मोहम्मद गुलाम रब्बानी ने बताया कि रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना होता है। इस दौरान मुसलमान 30 दिनों तक रोजा रखते हैं, जिसमें सेहरी से लेकर इफ्तार तक वे न तो कुछ खाते हैं और न ही पानी पीते हैं। यह महीना आत्मसंयम, इबादत और गुनाहों से तौबा करने का होता है।


उन्होंने बताया कि रमजान के दौरान विशेष नमाज (तरावीह) और कुरान की तिलावत के जरिए लोग अल्लाह के करीब आने का प्रयास करते हैं। साथ ही इस महीने में गरीबों की मदद, सदका और जकात देने का विशेष महत्व होता है, जिससे समाज में समानता और भाईचारा बढ़ता है।
30 दिनों के रोजे के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन बच्चे, बुजुर्ग और युवा नए कपड़े पहनते हैं और खुशियां बांटते हैं। बताया जाता है कि ईद-उल-फितर की शुरुआत पैगंबर हजरत मुहम्मद ने 624 ईस्वी में मदीना में की थी, जो रोजे के समापन का प्रतीक है।
ईद का यह पर्व आपसी प्रेम, सामाजिक एकता और सौहार्द का संदेश देता है, जहां लोग अपने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करते हैं।