-अखिल भारतीय किसान महासभा की राज्य कार्यकारिणी की बैठक संपन्न
-5 फरवरी व 23 फरवरी को प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान
मुजफ्फरपुर।
अखिल भारतीय किसान महासभा की राज्य कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक मुजफ्फरपुर के दीवान रोड स्थित किरण श्री विवाह भवन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड मंजू प्रकाश के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल ने की, जिसमें शिवसागर शर्मा, जवाहर लाल सिंह, चंद्रदीप सिंह और रवींद्र सिंह कुशवाहा शामिल थे।
बैठक में राज्य कार्यकारिणी के 50 सदस्यों के अलावा दो राष्ट्रीय नेताओं महासचिव कॉमरेड राजा राम सिंह (सांसद, काराकाट) एवं राष्ट्रीय संगठन सचिव कॉमरेड सुदामा प्रसाद (सांसद, आरा) ने भी भाग लिया। बैठक में किसानों के हित में कई अहम निर्णय लिए गए।
इस संबंध में प्रेस को जानकारी देते हुए बिहार राज्य सचिव उमेश सिंह तथा राज्य सह सचिव सह मुजफ्फरपुर जिला सचिव जितेंद्र यादव ने बताया कि किसानों की राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय मांगों को लेकर आगामी विधानसभा सत्र के दौरान 23 फरवरी 2026 को पटना में विधानसभा के समक्ष विशाल राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके पूर्व 5 फरवरी 2026 को बिहार के सभी जिलों, अनुमंडलों एवं प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन एवं धरना देकर सरकार को मांग पत्र सौंपा जाएगा।

बैठक में तय मांगों में प्रमुख रूप से VB-ग्रामग कानून 2025 की वापसी, मनरेगा की पुनर्बहाली, बीज विधेयक 2025, विद्युत विधेयक 2025 एवं चार श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग शामिल है। इसके साथ ही किसान निधि के नाम पर किसानों के पंजीकरण में आ रही बाधाओं को दूर करते हुए भौतिक सत्यापन के माध्यम से कैंप लगाकर पंजीकरण कराने की मांग की गई।
अन्य मांगों में सोन नदी पर कदवन (इंद्रपुरी) में डैम निर्माण, नहरों व नलकूपों सहित सिंचाई संसाधनों का जीर्णोद्धार, कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली, सभी फसलों पर C-2+50 प्रतिशत के साथ एमएसपी की कानूनी गारंटी, सरकारी खरीद, संपूर्ण कर्ज माफी, कृषि भूमि अधिग्रहण पर रोक तथा पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर भूमि संबंधी कागजात अद्यतन कर किसानों को उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। इसके अलावा गन्ना किसान, मछली, फल-सब्जी, मुर्गी एवं दुग्ध उत्पादक किसानों की समस्याओं को भी आंदोलन में उठाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में संगठनात्मक विस्तार पर भी निर्णय लेते हुए बिहार में 3 लाख 50 हजार किसानों को सदस्य बनाने, 30 जिला सम्मेलन एवं 200 प्रखंड सम्मेलनों के माध्यम से संगठनात्मक कमिटियों के गठन का लक्ष्य तय किया गया, जिसे प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मेलन अक्टूबर 2026 से पूर्व पूरा किया जाएगा। साथ ही अगस्त 2026 में एक लाख से अधिक किसानों की भागीदारी वाली विशाल किसान रैली आयोजित करने की योजना पर भी विचार किया गया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए महासचिव राजा राम सिंह ने कहा कि आज किसानों की समस्याएं प्रकृति से नहीं बल्कि सरकारों की नीतियों से उत्पन्न हो रही हैं। खेती और खेत यदि किसानों के हाथ से निकल गए तो देश की खाद्यान्न सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। इसलिए किसानों को न केवल अपने लिए बल्कि देश की जनता के लिए भी संघर्ष तेज करना होगा।
बैठक को सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक अरुण सिंह, पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव, पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह सहित सभी 50 कार्यकारिणी सदस्यों ने संबोधित किया। अध्यक्ष मंडल की ओर से शिवसागर शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया, जिसके साथ बैठक का समापन हुआ।














