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राजापाकर में भाकपा का जोरदार प्रदर्शन, किसानों-मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रखंड कार्यालय घेराव

-राजापाकर में भाकपा का जोरदार प्रदर्शन, किसानों-मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रखंड कार्यालय घेराव

राजापाकर/संजय श्रीवास्तव।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के आह्वान पर राजापाकर अंचल परिषद के नेतृत्व में शुक्रवार को सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार मार्च निकाल कर प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव किया। राजापाकर हाई स्कूल चौक से निकली यह रैली प्रखंड कार्यालय पहुंचकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन व जनसभा में बदल गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संचालन भाकपा के जिला मंत्री अशोक ठाकुर ने की।

जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री कामरेड रामनरेश पांडे ने कहा कि सरकार की “दोषपूर्ण नीतियों” के कारण किसान बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं। खाद-बीज, कीटनाशक और डीजल के दामों में लगातार वृद्धि, एमएसपी पर फसल की खरीद नहीं होना, कर्ज के जाल में फंसना—इन सबने किसानों को खेती छोड़ने पर मजबूर कर दिया है। मजदूरों का पलायन जारी है, गरीबों के पास रहने को जमीन नहीं और युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। साथ ही उन्होंने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार, लूट और प्रशासनिक लापरवाही पर तीखा हमला बोला।

कामरेड पांडे ने कहा कि वोट चोरी, महंगाई, धान खरीद में धांधली, रोज़गार, और भूमिहीनों को जमीन की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसकी सूचना पहले ही बीडीओ को दी गई थी, लेकिन न तो प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद थे और न ही अंचलाधिकारी।

प्रमुख मांगें:

उन्होंने अपनी मांगों को विस्तार से रखते हुए कहा—

पूरे देश में ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव हो।

किसानों के धान की खरीद पैक्स के माध्यम से तुरंत शुरू की जाए।

खाद की कालाबाजारी पर रोक लगे और पर्याप्त खाद उपलब्ध कराया जाए।

गरीब बस्तियों तक संपर्क पथ का निर्माण हो।

किसानों के सभी कर्ज माफ किए जाएं।

जमीन सर्वे में फैले भ्रष्टाचार को खत्म किया जाए।

भूमिहीन परिवारों को आवासीय जमीन मिले।

सभी मजदूरों को मनरेगा जॉब कार्ड और नियमित काम मिले, 200 दिन काम की गारंटी भी दी जाए।

शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी की समस्याओं का त्वरित समाधान हो।

मोथा चक्रवात से हुई फसल क्षति की भरपाई किसानों को मिले।

मनरेगा को कृषि कार्य से जोड़ा जाए।

स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की बहाली हो।

वृद्धावस्था, विधवा एवं विकलांग पेंशन 1100 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाए।

गरीबों पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बुलडोजर चलाने की कार्रवाई पर रोक लगे।

बिजली की कम से कम 200 यूनिट मुफ्त दी जाए।

नेताओं की उपस्थिति:

धरना-प्रदर्शन में राज्य मंत्री कामरेड रामनरेश पांडे, राज्य सचिव मंडल सदस्य अजय कुमार सिंह, राज्य परिषद सदस्य कामरेड अमृत गिरी, जिला मंत्री अशोक ठाकुर, राज्य परिषद सदस्य सह पूर्व प्रत्याशी मोहित पासवान, किसान संघ के जिला मंत्री बिंदेश्वर राय, अंचल मंत्री जितेंद्र प्रसाद सिंह सहित सुमन कुमार यादव, मुकेश पटेल, अविनाश कुमार, छात्र नेता प्रकाश प्रियदर्शी, संजय सिंह, सिताब लाल राय, विजय पासवान, देवेंद्र राय, मोहन राय समेत दर्जनों कार्यकर्ता शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।