बिहार विधानसभा सत्र के दूसरे दिन डॉ. प्रेम कुमार निर्विरोध चुने गए 18वें विधानसभा अध्यक्ष, सदन में नए विधायकों ने ली शपथ
पटना।ब्यूरो।
बिहार विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रेम कुमार को निर्विरोध 18वें विधानसभा अध्यक्ष के रूप में चुना गया। उनके नामांकन के खिलाफ किसी अन्य उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया था। एनडीए में पहले ही उनके नाम पर सहमति बन चुकी थी।
सीएम ने सदन की ओर से किया अभिनंदन:
अध्यक्ष चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री ने सदन की ओर से डॉ. प्रेम कुमार का अभिनंदन किया और उनके कार्यकाल को सदन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही छह विधायकों ने ली शपथ:
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मदन सहनी, विनय बिहारी, जीवेश कुमार, केदारनाथ सिंह और डॉ. सुनील कुमार ने शपथ ग्रहण की।
जीवेश कुमार ने संस्कृत में शपथ ली।
वहीं विनय बिहारी ने जैसे ही भोजपुरी में बोलना शुरू किया, तो अध्यक्ष ने उन्हें टोका। इस पर विनय बिहारी ने कहा—
“गायक बनकर ही सदन का सदस्य बना हूँ।”
कुचायकोट के विधायक अमरेंद्र पांडेय और मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने आज शपथ नहीं ली। अनंत सिंह जेल में हैं और उन्हें बाद में शपथ दिलाई जाएगी।
अध्यक्ष बनते ही डॉ. प्रेम कुमार का बयान:
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि वे सदन का संचालन नियमावली और संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार करेंगे और सभी दलों का सहयोग सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस बार विधानसभा में 100 से अधिक नए सदस्य आए हैं, जिन्हें प्रश्नकाल, शून्यकाल, तारांकित-अतारांकित प्रश्नों से जुड़े विषयों पर विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी।

लगातार नौ बार विधायक, 10 विभागों का अनुभव:
गया से विधायक डॉ. प्रेम कुमार लगातार नौवीं बार चुनाव जीतकर आए हैं। वे पहली बार 1990 में विधायक बने थे।
इसके बाद—1995, 2000, 2005 (फरवरी व अक्टूबर), 2010, 2015, 2020 और 2025 में उन्होंने लगातार जीत हासिल की।
वे बिहार सरकार में 2005 से 2024 तक कृषि, पथ निर्माण, नगर विकास, सहकारिता और पर्यावरण जैसे 10 से अधिक विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
उनकी पहचान अति पिछड़ा वर्ग के एक प्रभावशाली नेता के रूप में है।
विधानसभा और विधान परिषद — दोनों शीर्ष पद अब बीजेपी के पास:
प्रेम कुमार के निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने से विधानसभा और विधान परिषद दोनों शीर्ष पदों पर बीजेपी का वर्चस्व हो गया है।
विधान परिषद में सभापति की कुर्सी पर अवधेश नारायण सिंह और विधानसभा में पहले स्पीकर आनंद किशोर यादव रहे हैं।
विधानसभा चुनाव परिणाम — एनडीए का प्रचंड बहुमत:
ताज़ा चुनाव में—
बीजेपी: 89 सीटें
जदयू: 85 सीटें
लोजपा (रामविलास): 19 सीटें
हम: 5 सीटें
राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4 सीटें
कुल मिलाकर एनडीए 202 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत में है, जबकि विपक्ष केवल 35 सीटों पर सिमट गया। यह 2010 के बाद दूसरी बार है जब एनडीए ने 200+ सीटें हासिल की हैं।
प्रोटेम स्पीकर का कार्य समाप्त:
अध्यक्षीय चुनाव का संचालन प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव की अध्यक्षता में हुआ।
डॉ. प्रेम कुमार के पदभार संभालते ही उनका कार्यकाल समाप्त हो गया।
बिहार विधानसभा के पहले अध्यक्ष राम दयालू सिंह थे और अब तक कुल 18 अध्यक्ष बने हैं।
झारखंड विभाजन के बाद सबसे अधिक अवधि (10 वर्ष) तक अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड उदय नारायण चौधरी के नाम है।
आज छह नवनिर्वाचित विधायकों को दिलाई जाएगी शपथ:
इस सत्र में शपथ नहीं लेने वाले कुल 7 विधायकों में से 6 को आज शपथ दिलाई जाएगी, जबकि मोकामा विधायक अनंत सिंह जेल में होने के कारण बाद में शपथ लेंगे।












