-विश्व विरासत सप्ताह में दृष्टिबाधित छात्रों के लिए अनूठी पहल—‘अनुभव’ कार्यक्रम का आयोजन
वाराणसी। संवाददाता।
विश्व विरासत सप्ताह (19–25 नवंबर, 2025) के अंतर्गत भारत कला भवन, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में मंगलवार को दृष्टिबाधित छात्रों के लिए विशेष समावेशी कार्यक्रम ‘अनुभव’ का सफल आयोजन किया गया। “अतीत से वर्तमान—बाल कला प्रदर्शनी” के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को स्पर्श-आधारित शिक्षण सामग्री, ऐतिहासिक प्रतिकृतियों व मूर्तिकला मॉडलों के माध्यम से कला एवं विरासत का सजीव अनुभव प्रदान करना था।
कार्यक्रम में बीएचयू के इतिहास, समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान विभागों से आए छात्र— अंकित कुमार, अनिल प्रजापति, सूरज कुमार ओझा, निक्सू पाल और सुनील कुमार—ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी की वस्तुओं को स्पर्श कर उनके ऐतिहासिक संदर्भों को समझा और विरासत संरक्षण के महत्व पर विचार व्यक्त किया।

इस अवसर पर भारत कला भवन के निदेशक प्रो. श्रीरूप रॉयचौधरी, उपनिदेशक डॉ. निशांत, सहायक क्यूरेटर डॉ. प्रियंका चंद्रा, सेक्शन ऑफिसर राजेंद्र प्रसाद व सेक्शन असिस्टेंट मुन्ना लाल पाल उपस्थित रहे। अधिकारियों ने इस समावेशी प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल दिव्यांगजनों को मुख्यधारा की सांस्कृतिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के संचालन में संग्रहालय इंटर्नों की उल्लेखनीय भूमिका रही, जिन्होंने विद्यार्थियों को कलाकृतियों का स्पर्शानुभव, सहज विवरण और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
भारत कला भवन ने आगे भी ऐसे प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है ताकि कला और सांस्कृतिक विरासत हर शिक्षार्थी के लिए सुगम और सुलभ बन सके।
















